नहीं भेज रहे SDM चुरहट आराधना पांडे पर धोखाधड़ी का मुकदमा

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आखिर क्यों नहीं भेज रहे SDM चुरहट आराधना पांडे पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का प्रस्ताव ?

आखिर कैसे दो जगह के मूल निवास बनवाकर भी मुकदमे से बचे रहते हैं लोग।

बात है चुरहट रामपुर नैकिन उपखंड की।  यहां भरतपुर से जिला  पंचायत की सदस्य रही श्रीमती आराधना पांडेय ने अपने जिला पंचायत नामांकन के आवेदन में रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष एवं अलग से दिये गये शपथ पत्र में अपना पता ग्राम सगौनी  ,भरतपुर रामपुरनैकिन लिखा । वास्तविक देखा जाए तो यही इनका मूल पता भी है ।
लेकिन कुछ समय बाद इनके द्वारा तहसील रामपुरनैकिन में अमिलाई रामपुरनैकिन का निवास प्रमाण बनवा लिया जाता है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत क्रमांक 5356786 में शिकायत कर्ता द्वारा शिकायत की जाती है दिनांक 30.6.2014 के प्रकरण क्रमांक 2306/ब-121/2013-14 में फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाया गया है, अमिलाई का जबकि आराधना पांडेय सगौनी भरतपुर की रहने वाली हैं।

शिकायतकर्ता अपराध पंजीबद्ध करने की भी मांग कर्ता है।

शिकायत के निराकरण में तहसीलदार द्वारा स्पष्ट किया गया कि उक्त प्रकरण में लोक सेवा गारंटी के प्रकरण क्रमांक  RS/462/0110/10443/2017 B-121/2017  दिनांक 3/1/2018  के प्रकरण के विरुद्ध उपखंड अधिकारी चुरहट रामपुरनैकिन के कार्यालय में प्रकरण अपील में चल रहा है जो कि प्रकरण क्रमांक 0109/अपील/2017-18 है।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिस प्रकरण में तहसीलदार  रामपुरनैकिन ने दिनांक 3/1/2018 को ही आवेदन निरस्त कर दिया उस प्रकरण को SDM चुरहट क्यों ठंडे बस्ते में डाले हुए हैं ?
दबे मुंह चर्चा है कि सीधी के सहकारी बैंकों के घोटाले और सीधी वाटरशेड घोटाले में भी कुछ बड़े लोगों की भूमिका बहुत जल्द उजागर हो सकती हैं ।

फिलहाल तो जहां इस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत जिसमें प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई वो ठंडे बस्ते  में है।

यहां एक कहावत आम लोगों में सुनी जा सकती है।
नाम ही भर केवल सीधी है बाकी सब टेड़ा है।

सुरेंद्र पटेरिया

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