आपसी सामंजस्य से वन संपदा और वन्यप्राणियों की करें रक्षा: श्रीवास्तव

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आपसी सामंजस्य से वन संपदा और वन्यप्राणियों की करें रक्षा: श्रीवास्तव

  1. प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने ली वन अधिकारियों की क्लास

छतरपुर। वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक रवि श्रीवास्तव ने कहा है कि आपसी सामंजस्य के साथ सभी अधिकारी और कर्मचारी वन संपदा और वन्य प्राणियों की रक्षा करने का प्रयास करें। वे आज दोपहर छतरपुर सर्किल के वन अधिकारियों की होटल लॉ कैपिटल में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

पीसीसीएफ श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वन्य प्राणी संरक्षण और वन संपदा की चोरी रोकने का काम तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक वन अमले का साथ न हो और उनमें आपसी सामंजस्य न हो। इसके लिए बेहतर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर शिकार की घटनाएं ज्यादातर होती हैं, इस दौरान अमला मुस्तैद रहे और गस्त बढ़ा दी जाए तो इन्हें रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में अपराध के तौर-तरीके भी बदल गए हैं। अपराध कोई करता है और फंस कोई और जाता है। इसलिए कोशिश यह करें कि निर्दोष न फंसें और जो गुनहगार हों वे अदालत से छूट न पाएं। इसके लिए गवाह मजबूत होना चाहिए।

श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आजकल विभाग में रेंज स्तर के जो अधिकारी आ रहे हैं वे तकनीकी तौर पर उच्च शिक्षित होने के कारण अधिकतर काम मोबाइल पर ही कर लेते हैं। यह अच्छा प्रयास है। उन्होंने स्वीकार किया कि वन विभाग में स्टाफ की कमी है, साथ ही यह भी कहा कि नई भर्तियों से इस कमी को जल्दी ही दूर कर दिया जाएगा। उन्होंने छतरपुर सर्किल के सीसीएफ राघवेन्द्र श्रीवास्तव की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में जप्ती की कार्यवाही काफी ज्यादा हुई है। उन्होंने बिजावर में एसडीओ रहे संजय श्रीवास्तव का भी जिक्र किया और कहा कि श्री श्रीवास्तव ने बिजावर में जो काम कराए उसी पैटर्न पर आज काम हो रहे हैं। उन्होंने छतरपुर के सीएफ रहे आरएस कुशवाहा का विशेष तौर पर जिक्र किया और कहा कि उन्होंने लवकुशनगर पहाड़ी पर जो वृक्षारोपण कराया है उससे सभी को प्रेरणा लेकर काम करना चाहिए। उन्होंने पन्ना टाईगर रिजर्व के संचालक आरके मिश्रा से कहा कि उन्होंने पारदी जाति के बच्चों को पढ़ाकर अनूठा काम किया है लेकिन उन बच्चों को रोजगार देने का काम भी करें। पीसीसीएफ ने बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत कराए गए कार्यों को उच्च गुणवत्ता का बताते हुए कहा कि सफलतम कार्यों की पुस्तिका बनाकर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को वितरित की जाए ताकि अन्य अमला भी अच्छे काम करने के लिए प्रेरित हो सके। श्री श्रीवास्तव ने छतरपुर में अपनी पदस्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि वे यहां डीएफओ और सीएफ रहे। यहां उन्होंने पहली बार तेंदूपत्ता देखा और उसमें अप्रत्याशित तरीके से फायदा भी देखा। यहां ही उन्हें गोल्डमैडल की अनुशंसा हुई थी इसलिए छतरपुर आने पर उनकी ऊर्जा बढ़ जाती है।

इस अवसर पर छतरपुर डीएफओ अनुपम सहाय, दक्षिण पन्ना डीएफओ मीना मिश्रा, टीकमगढ़ डीएफओ यूके उचाडिय़ा, नेशनल पार्क के संचालक आरके मिश्रा आदि ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्र की उपलब्धियां और कमियां बताईं। बैठक में कार्यआयोजना के सीएफ एके बंसल, प्रशिक्षु आईएफएस अखिल बंसल, छतरपुर सर्किल में अटैच ऑफिसर रुद्र तेज सनागो, छतरपुर एसडीओ वायएस परमार, बकस्वाहा एसडीओ केबी गुप्ता, बिजावर एसडीओ कल्पना तिवारी, कलदा एसडीओ हेमन्त यादव, नेशनल पार्क के एसडीओ आरके सक्सेना, पन्ना एसडीओ नरेन्द्र सिंह, निवाड़ी एसडीओ बीके मिश्रा के अलावा छतरपुर सर्किल के सभी रेंज ऑफिसर मौजूद थे। प्रारंभ में पीसीसीएफ ने सभी अधिकारियों का परिचय लिया।

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