कानपुर में दरोगा व सिपाहियों ने पशु व्यापारियों को लूटा, पांच सस्पेंड

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शिवराजपुर थाने में तैनात दरोगा और सिपाहियों ने बकरी व्यापारी पिता-पुत्रों को लूट लिया। छोड़ने के बदले 25 हजार रुपये वसूल लिए। व्यापारियों की तहरीर पर दोनों अंडरट्रेनी दरोगा तथा सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने शिवराजपुर थानेदार और आरोपी दरोगा-सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
शिवराजपुर कस्बा निवासी पशु व्यापारी प्रदीप खटिक आरोप है कि 18 अगस्त की रात पिता कल्लू और भाइयों कुलदीप उर्फ सोनू, दिलीप के साथ ट्रक पर बकरे लाद रहे थे। इसी दौरान शिवराजपुर थाने के ट्रेनी दरोगा नीरज यादव और सिपाही मोहित एक्सयूवी कार से पहुंचे। चोरी के बकरे होने का आरोप लगाते हुए 80 हजार रुपये की मांग की। फोन कर सिपाही अमित को बुला लिया। कुछ ही देर में थाने की जीप से दरोगा रामकृष्ण को तीन-चार सिपाही पहुंच गए। फोर्स के साथ पहुंचे दरोगा सिपाही सभी को थाने उठा ले गए। थाने में रामकृष्ण मिश्रा ने दस हजार रुपये लेने के बाद सभी को छोड़ दिया और बकरे लादने की मौखिक अनुमति दे दी। कुछ देर बाद दरोगा नीरज सिपाहियों के साथ फिर पहुंचा और सभी को गाड़ी में बैठाकर पीटते हुए रेलवे क्रासिंग की ओर ले गया। यहां कल्लू की जेब से 2500 और सोनू की जेब से 13500 रुपए निकाल लिए। बाद में 25 हजार रुपए लेकर सभी को छोड़ा गया। एसएसपी के आदेश पर सभी के खिलाफ लूट सेमत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। मुकदमा दर्ज करने से पहले ही सभी फरार हो गए।
जांच के नाम पर चार दिन से घुमा रही थी पुलिस
व्यापारी से लूट के मामले को पुलिस दबाए हुए थी। सांसद अंजूबाला ने मामले में एसएसपी से कार्रवाई करने की मांग की। सांसद थाने पहुंचीं तो पुलिस ने दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। सीसीटीवी फुटेज में दरोगा सिपाहियों के खिलाफ साक्ष्य पाए गए थे।
बकरीद के लिए गांवों से बकरे खरीदकर व्यापारी कल्लू अपने बेटे प्रदीप, कुलदीप उर्फ , दिलीप के साथ 18 अगस्त की रात को शिवराजपुर भूतेश्वर मंदिर पेट्रोलपंप के सामने बकरे लाद रहे थे। आरोप है कि थाने के दरोगा सिपाही पुहंचे। सभी को थाने ले गए और 10 हजार वसूलने के बाद छोड़ दिया। दरोगा नीरज यादव दोबारा पहुंचा और सभी को एसयूवी गाड़ी में भर ले गया। फिर सभी को पीटा गया और जेब से रुपए निकाल लिए। बाद में 25 हजार वसूल कर सभी को छोड़ा गया। व्यापारी प्रदीप खटिक ने 19 अगस्त को एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी अखिलेश कुमार ने सीओ बिल्हौर भगवान दास को जांच सौंपी। जांच में सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के मुताबिक घटना सही पाई गई। बुधवार शाम को मिश्रिख सांसद अंजू बाला अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंची मामले में कार्रवाई के लिए एसएसपी से बात की। थाने में हंगामा बढ़ता देख एसपी ग्रामीण समेत अन्य थानों का फोर्स भी पहुंच गया। एसएसपी के आदेश पर शिवराजपुर थाने में ही तैनात आरोपी दरोगा नीरज यादव, रामकृष्ण मिश्रा, सिपाही मोहित और अमित के खिलाफ लूट, बलवा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, दलित उत्पीड़न समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर लिखी गई।
प्रधान, व्यापारियों व बीडीसी ने बाजार बंद कर किया प्रदर्शन
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शिवराजपुर बाजार के व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। इसके साथ ही शिवराजपुर ब्लाक के सभी प्रधान और बीडीसी ने मामले में कार्रवाई की मांग की, लेकिन थानेदार विवेक यादव और एक सिपाही को मामले में निर्दोष बताते उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने की मांग की। कहा कि मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाए। एसपी ग्रामीण ने प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि तहरीर कि थानेदार को छोड़कर अन्य आरोपी दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। जांच के बाद शिवराजपुर एसओ पर कार्रवाई होगी। इसके बाद थाने में हंगामा शांत हुआ

बस्ती से सतीश पांडे की रिपोटर

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