मुम्बई के आय आय टी पवई में श्रधांजलि सभा आयोजित कर मनाया गया महाराष्ट्र दिन एवम कामगार दिन

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मुम्बई 1 मई 2019

मुम्बई के आय आय टी परिसर में तीरंदाज विलेज चौक पर आई जिजाऊ बहुउद्देश्यीय सेवा भावी संस्था ने महाराष्ट्र दिन एवम कामगार दिन के उपलक्ष्य में संयुक्त श्रधांजलि सभा का आयोजन किया

संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के लिए 106 हुतात्मा के बलिदान एवम कामगार आंदोलन में शाहिद 7 कामगारों के बलिदान के उपलक्ष्य में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई

महाराष्ट्र स्थापना दिवस 1 मई को मनाया जाता है। देश की आज़ादी के बाद मध्य भारत के सभी मराठी भाषा के स्थानों का समीकरण करके एक राज्य बनाने को लेकर बड़ा आंदोलन चला और 1 मई, 1960 को 106 हुतात्मा के बलिदान के बाद कोंकण, मराठवाडा, पश्चिमी महाराष्ट्र, दक्षिण महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र (खानदेश) तथा विदर्भ, सभी संभागों को जोड़ कर महाराष्ट्र राज्य की स्थापना की गई।

महाराष्ट्र राज्य का गठन

देश के राज्‍यों के भाषायी पुनर्गठन के फलस्‍वरूप 1 मई, 1960 को महाराष्ट्र राज्‍य का प्रशासनिक प्रादुर्भाव हुआ। यह राज्‍य आस-पास के मराठी भाषी क्षेत्रों को मिलाकर बनाया गया था, जो पहले चार अलग अलग प्रशासनों के नियंत्रण में था। इनमें मूल ब्रिटिश मुंबई प्रांत में शामिल दमन तथा गोवा के बीच का ज़िला, हैदराबाद के निज़ाम की रियासत के पांच ज़िले, मध्‍य प्रांत (मध्य प्रदेश) के दक्षिण के आठ ज़िले तथा आस-पास की ऐसी अनेक छोटी-छोटी रियासतें शामिल थी, जो समीपवर्ती ज़िलों में मिल गई थी

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस या मई दिन मनाने की शुरूआत 1 मई 1886 से मानी जाती है जब अमेरिका की मज़दूर यूनियनों नें काम का समय 8 घंटे से ज़्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी।

इस हड़ताल के दौरान शिकागो की हेमार्केट में बम धमाका हुआ था। यह बम किस ने फेंका किसी का कोई पता नहीं। इसके निष्कर्ष के तौर पर पुलिस ने मज़दूरों पर गोली चला दी और सात मज़दूर मार दिए।

“भरोसेमंद गवाहों ने तस्दीक की कि पिस्तौलों की सभी फलैशें गली के केंद्र की तरफ से आईं जहाँ पुलिस खड़ी थी और भीड़ की तरफ़ से एक भी फ्लैश नहीं आई। इस से भी आगे वाली बात, प्राथमिक अखबारी रिपोर्टों में भीड़ की तरफ से गोलीबारी का कोई ज़िक्र नहीं।

मौके पर एक टेलीग्राफ खंबा गोलियों के साथ हुई छेद से पुर हुआ था, जो सभी की सभी पुलिस वाले तरफ़ से आईं थीं।”चाहे इन घटनाओं का अमेरिका पर एकदम कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा था लेकिन कुछ समय के बाद अमेरिका में 8 घंटे काम करने का समय निश्चित कर दिया गया था। मौजूदा समय भारत और अन्य मुल्कों में मज़दूरों के 8 घंटे काम करने से संबंधित क़ानून लागू है।

इस श्रधांजलि सभा मे आय आय टी पवई के शिवसेना शाखा क्रमांक 122 के कार्यालय प्रमुख जंगले, उपशाखापरमुख मंगेश कवले, वाल्के, महिला शाखा संघटिका सुषमा आमरे, पूर्व शाखा संघटिका चव्हाण ताई, न्यूस्लाइन 24×7 के संपादक महेंद्र पाल, शिवसैनिक अमोल चव्हाण, प्रसाद चव्हाण, रमेश , कॉंग्रेस (आई),के प्रदीप वर्मा, वीरेंद्र धीवर और बहुत से युवासैनिक, महिला सैनिक,एवम शिवसैनिक उपस्तीत रहे

 

रिपोर्ट  लालचंद पाल

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