निर्दोष परिजनों को मामले में फंसाने की साजिश के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

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कन्हयालाल  आत्महत्या मामला :
अमन के निर्दोष परिजनों को मामले में फंसाने की साजिश के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

मोहल्ले की महिलाओं, व्यापारियों, समाजसेवियों ने कलेक्टर-एसपी को दिया ज्ञापन

छतरपुर

एसपी ऑफिस के बाहर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने वाले कन्हैयालाल अग्रवाल के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद अब साजिशपूर्ण ढंग से अमन दुबे के पूरे परिवार पर फर्जी केस बनवाने की साजिश के विरोध में गुरुवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ।

गल्ला मंडी क्षेत्र की महिलाओं, सराफा मोहल्ला के लोगों के साथ अग्रवाल समाज के परिवारों और व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया। वहींं पैदल मार्च करते हुए सभी एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी तिलक सिंह को भी ज्ञापन देकर निर्दोष लोगों को जबरन इस केस में नहीं फंसाए जाने की मांग की।

मोहल्ले के लोग बोले-दुबे परिवार से सभी को है संरक्षण :
पुराना इलाहाबाद बैंक के पीछे रहने वाले व्यापारियों, अग्रवाल समाज के लोगों, महिलाओं और सोनी समाज सहित समाजसेवियों ने गुरुवार को दोपहर एकजुट होकर दुबे परिवार को जबरन कन्हैंया आत्मदाह मामले में फंसाए जाने का विरोध जताया। लोग दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां कलेक्टर मोहित बुंदस को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बाइक चोरी मामले की पूरी स”ााई का जिक्र करते हुए बताया गया कि अमन दुबे इस मामले में सीधे तौर पर आरोपी था, जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। लेकिन अब कुछ विरोधी लोग जानबूझकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करते हुए पीडि़त परिवार को इस बात के लिए उकसा रहे हैं कि वह अमन के पिता, चाचा, भाईयों और महिलाओं का भी इस मामले में नाम दर्ज करवा दें। मनीष अग्रवाल ने बताया कि कुछ लोग कन्हैया के परिवार को रुपयों का लालच देकर झूठे बयान दिलवाने में लगे हैं। जबकि पुलिस को पूरे मामले की जानकारी है। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच करके वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए निर्दोष लोगों पर केस दर्ज कराने की साजिश रोकने की अपनी की गई है। इस दौरान

यह है पूरा मामला :
8 जुलाई सोमवार को एसपी ऑॅफिस के बाहर कन्हैयालाल अग्रवाल ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। उसमें अपने मृत्युपूर्व बयानों में पुलिस द्वारा उसकी सुनवाई नहीं करने और अमन दुबे नाम के युवक द्वारा वाहन चोरी के मामले को लेकर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। इस मामले में अमन दुबे का नाम आते ही परिजनों ने घटना वाली रात को ही उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। अगले दिन कन्हैया की मौत होने के बाद समाज के लोगों ने बैठक करके इस मामले में एसपी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग के लिए ज्ञापन प्रदर्शन करने का फैसला किया था। लेकिन इसी बैठक में कुछ लोग सक्रिय होकर अमन दुबे के अन्य परिजनों का नाम जबरन इस केस में लिखवाने के लिए लग गए। इसके लिए वे पीडि़त परिवार के लोगेां को भी गुमराह करते रहे और कन्हैया की मृत्यु से पहले रात में अस्पताल पहुंचकर मोबाइल से कन्हैया से अपने अनुसार बयान कराकर उसकी सीडी तैयार करवा दीं। यही सीडी अधिकारियों के पास भेजकर वे इस मामले में अमन के परिजनों के नाम घसीटने में लग गए। जबकि पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच और अमन से हुई पूछताछ के बाद दो लोगों को ही लिप्त पाया है। अमन के अलावा एक अन्य युवक की भी पुलिस तलाश कर रही है।

विनोद मिश्रा

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