बालिकाओं के लिए इंटर कालेज की मांग

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अटरिया -सीतापुर

कस्बा अटरिया व आसपास गावों में एक भी बालिका इंटर कालेज नहीं होने के कारण लड़कियां पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। या तो लड़कियों को 13 किमी दूर सिधौली जाना पड़ता है. ऐसे में अब यहां बालिकाओं के लिए इंटर कालेज की मांग जोर पकड़ने लगी है।
विधानसभा सिधौली विकास के मामले में सबसे पीछे खड़ी नजर आती है। अटरिया क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिये सिधौली मे एक मात्र इंटर कालेज है। सिधौली क्षेत्र का एकमात्र इंटर कालेज होने के कारण यहां छात्रांकन दो हजार से काफी अधिक है। विद्यालय में नामांकन अधिक हो जाने से छात्र व छात्राएं पंजीकरण कराने से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में उन्हे बिना मान्‍यता प्राप्त या प्राइवेट विद्यालयो का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके अभिभावकों को जेब ढीली हो जाती है. जिनकी छात्र व छात्राओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है उनको बिना मान्यता के स्कूल में दाखिला कराना पड़ता है. ऐसे में अटरिया कस्बे में राजकीय व बालिका इंटर कॉलेज ना होने से छात्र व छात्राओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है.
शिक्षण सत्र शुरू होते ही विद्यालय में प्रवेश के लिए मारामारी मच जाती है। बहुत सी छात्राएं पढ़ना चाहती हैं, लेकिन एडमीशन नहीं हो पाता है। खासकर गरीब छात्राओं को परेशानी होती है। कई मेधावी छात्राएं पढ़ना चाहती हैं, लेकिन आसपास कोई विद्यालय नहीं होने के कारण छात्राएं घर बैठने को मजबूर हो जाती हैं। अगर अटरिया में राजकीय बालिका इंटर कालेज व राजकीय इंटर कॉलेज खुल जाए तो गरीब परिवार कि छात्राओं को पढ़ाई करने में आसानी हो जाएगी। हालांकि प्रदेश की योगी सरकार योगी सरकार प्रदेश में 44 नए अटल बिहारी वाजपेयी इंटर कॉलेज खोलेगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूर करते हुए सरकार ने नए इंटर कॉलेजों के लिए 25 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। जिससे प्रदेश की कोई भी तहसील या विधानसभा क्षेत्र इंटर कॉलेज से वंचित नहीं रहेगा। अब देखना ये होगा क्या अटरिया कस्बे को राजकीय इंटर कॉलेज का सौगात मिलता है या नहीं. जबकि मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र के क्षेत्रीय सांसद कौशल किशोर जब प्रत्याशी बनाए गए थे तब उन्होने वादा किया था कि विधानसभा में बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण करवाएंगे. लेकिन आज चार साल बीत चुका है और आगामी लोकसभा चुनाव भी आने वाले है. अब तो राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण होना नामुमकिन लग रहा है.

अटरीया से रामलखन की रिपोर्ट

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