शिवसेना सांसदों का संसद के बाहर प्रदर्शन

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मराठी भाषा को अभिजात भाषा घोषित करने की मांग


मराठी भाषा को अभिजात भाषा घोषित करने की मांग करते हुए शिवसेना के सभी सांसदों ने किया लोकसभा संसद भवन के बाहर तख्ती और नारेबाजी के साथ प्रदर्शन|
अब जानते है अभिजात भाषा का अर्थ तो बताया गया कि जिस भाषा का इतिहास डेढ़ से अढ़ाई हजार वर्ष पूर्व का होता है उस भाषा की अभिजात भाषा का दर्जा दिया जाता है|
जिस भाषा का साहित्य श्रेष्ठ दर्जे का है उसे अभिजात भाषा का दर्जा दिया जाता है और भी बहुत से मापदंड है जिसे पूर्ण करने पर उस भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा प्राप्त होता है|
मराठी भाषा को यह अभिजात भाषा का दर्जा दिलवाने की कोशिश तीन वर्ष पूर्व से सुरु की जा चुकी है और इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने प्रो रंगनाथ पठारे के अगुवाई में एक समिति भी बनाई थी और उस समिति की रिपोर्ट आने के बाद मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा घोषित करने के लिए केंद्र को भेज दी गयी है|
आज शिवसेना पार्टी की और से उस मुहिम को उठाने और केंद्र पर दवाब बनाकर मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा जल्द घोषित करने और केंद्र का ध्यान आकर्षित करने के लिए सभी शिवसेना सांसदों ने यह प्रदर्शन किया|

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