शिवराज के विकास के दावे पर भारी पड़ता नजर आया छिंदवाड़ा मंडल

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जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आते जा रहा था भाजपा ने 15 साल के विकास को जनता के समक्ष प्रस्तुत करना शुरू कर दिया । शिवराज सरकार के 13 साल दिग्विजय सरकार के 10 साल की तुलना करते हुए भाजपा की ओर से विज्ञापन जारी किए जाने लगे।

लेकिन जैसे ही 30 अगस्त 2018 को ”छिंदवाड़ा मंडल” नामक पुस्तक प्रकाशित हुई तथा छिंदवाड़ा के विकास एवं कमलनाथ के विकास के प्रति दृष्टिकोण की तारीफ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री विजय पाटनी, वरिष्ठ भाजपा नेत्री राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उइके, इंदौर के वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन शहद प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने करना शुरू किया तो शिवराज के विकास के दावे खोखले साबित होने लगे। प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में छिंदवाड़ा माँडल पुस्तक पर परिचर्चा आयोजित की गई ।जिसके कारण प्रदेश भर में सर्वागीण विकास के माँडल के रूप में छिंदवाड़ा माँडल चर्चित हो गया।

देश व प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तथा शिवराज सरकार के मंत्रियों को यह कह कर घेरना शुरू कर दिया की प्रदेश मे छिंदवाड़ा के समान ही अन्य किसी जिले में स्किल्स डेवलपमेंट सेंटर क्यों स्थापित नहीं किए गए ? शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु छिंदवाड़ा का अनुसरण क्यों नहीं किया गया, प्रदेश में 13 इन्वेस्टर समिट आयोजित किए जाने के बावजूद नए उद्योग क्यों स्थापित नहीं हुए आखिर ऐसा क्या कारण है कि देश- विदेश के नामी उद्योगपति छिंदवाड़ा में ही उद्योग स्थापित करना चाहते हैं? छिंदवाड़ा जिले में जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्रामों तक जाने वाली सड़क पर कि वह सुंदर क्यों है तथा वहां के किसानों की नगद आए अन्य जिलों से क्यों अधिक है ? उड़ते सवालों से परेशान भाजपा के नेताओं ने कमलनाथ पर यह आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उन्होंने केवल छिंदवाड़ा जिले का विकास किया, केंद्र में मंत्री पद पर रहते हुए राज्य के विकास में कोई योगदान नहीं दे पाए चंद भाजपा नेताओं के इन आरोपों का जवाब भी वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने ही दे दिया तथा उन्होंने बताया कि भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट एवं भोपाल तक नर्मदा जल लाने का श्रेय कमलनाथ को ही जाता है उन्होंने यह भी बताया कि जब देश के नगरीय प्रशासन मंत्री थे तब केंद्रीय शहरी विकास मंत्री पद पर रहते हुये श्रीनाथ ने मध्य प्रदेश के अधिकांश नगरों के विकाश हेतु दिल खोलकर राशि उपलब्ध कराई, इस प्रकार प्रदेश के नगरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास में श्रीनाथ का अभूतपूर्व योगदान है, इस प्रकार शिवराज सरकार में लोक निर्माण मंत्री पद पर रहे सरताज सिंह ने यह कहकर भाजपा खेमें में खलबली मचा दी कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण बा विस्तार के अलावा प्रदेश की सड़कों के नव निर्माण व विकाश हेतु केंद्रीय भू-तल परिवहन मंत्री पद पर रहते हुए श्री नाथ ने राजनीतिक भेद-भाव को त्याग कर अभूतपूर्व बजट उपलब्ध कराया उज्जैन में भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता ने यह कहकर वरिष्ठ भाजपा नेताओं की नींद हराम कर दी कि जब श्री नाथ केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री पद पर थे तब उन्होंने पावन पवित्र शिप्रा नदी में नगर के उन 13 नालों के पानी के प्रभाव को विपरीत दिशा में मोड़ने हेतु योजना बनाकर राशि उपलब्ध कराई जिनसे शिप्रा का पानी दूषित हो रहा था, मालवनचल के ही एक भाजपा नेता ने संपूर्ण मालवांचल के सर्वागीण विकास हेतु श्री नाथ द्वारा दिल्ली- मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के रूप में दी गई सौगात को बाधित करने का आरोप मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री पर लगाते हुए यह मांग कर दिया कि डीएमआईसी प्रोजेक्ट के तहत श्री नाथ ने उज्जैन में जिस नॉलेज सिटी की स्थापना हेतु स्वीकृति दी थी उसे राजनीतिक द्वेष के भाव त्यागकर पूरा किया जाए इस प्रकार गत दो- ढाई माह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विकास पुरुष की छवि अत्यंत धूमिल होती चली गई तथा प्रदेश भर में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ को विकास पुरुष के रूप में अभूतपूर्व स्वीकार्यता प्राप्त होने लगी मतदान के दिन ही लोग यह कहते सुने गए कि मध्य प्रदेश का विकास कैसा होगा छिंदवाड़ा मॉडल जैसा होगा

ब्यूरो चीफ/ छतरपुर
विनोद मिश्रा

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