बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव ने योगी सरकार के ताबूत में ठोंकी कील।

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झांसी। योगी सरकार ने नकल विहीन परीक्षा कराने का शासनादेश क्या निकाला। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेंद्र दुबे एवँ कुलसचिव सी0पी0 तिवारी को मानो अपना उल्लू सीधा करने का अवसर मिल गया। दोनों अधिकारियों ने राज्यपाल और योगी सरकार को खुश करने के लिए वे सभी हथकंडे अपनायें जो इन दोनों ने अपने छात्र जीवन मे सोचा भी नही होगा। नकल रोकने के पीछे विश्वविद्यालय का न केवल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाये बल्कि महाविद्यालयों में छात्रों पर गोलियां भी चलवायीं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का आलम यह रहा कि परीक्षक इनके निर्देशों के पालन करने में इतने भयभीत हो गए कि ठीक से मूल्यांकन न कर इनके निर्देशानुसार नंबर देकर चले गए। परीक्षा परिणाम निकला तो 90 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हो गये। अब छात्र धरना प्रदर्शन करके योगी सरकार और विश्विद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को कोस रहे हैं। कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली। बुंदेलखंड के सभी जनपदों में प्रदर्शन चल रहा है और योगी सरकार की थू थू हो रही है। ऐसे में देखना यह है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में ऐसे अधिकारियों के कर्मनिष्ठा का क्या असर होगा बुंदेलखंड में।

इंद्रपाल सिंह

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