जेष्ठ के छठे बडे मंगल पर भण्डारे के साथ भागवत कथा का समापन हुआ

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जेष्ठ के छठे बडे मंगल पर भण्डारे के साथ भागवत कथा का समापन हुआ

अटरिया। सीतापुर क्षेत्र के मनवां गाव मे चल रही पाँच दिवसिय श्रीमद भागवत कथा का जेस्ठ के छठे बडे मंगल के शुभ अवसर पर बिशाल भण्डारे के साथ भागवत कथा का समापन किया गया।
समापन के शुभ अवसर पर कथा व्यास मनीष पाण्डे शास्त्री ने बताया कि जब अयोध्या के राजा दसरथ ने अपने बडे पुत्र को अपनी पत्नी केकैय के कहने पर चौदह वर्ष का वनवास दिया । मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने अपने पिता की अज्ञा का पालन करते हुए उन्होने वन में चौदह वर्ष विताए चौदह वर्ष मे (बन्दरो) बजरंग बली कि मद्दत से लंका के राजा का सर्वानास कर पुनः अयोध्या वापस आते है। समापन के दिन कथा सुनने व भण्डारे का प्रसाद ग्रहण करने के लिए हजारो कि संख्या में श्रद्वालुओ की भीड जुटी रही। इस दौरान कथा आयोजक अनिल गुप्ता , सुशील गुप्ता , सत्यम गुप्ता ,अमित श्रीवास्त, खुशीराम कश्यप , प्रान्सू कश्यप , राशू श्रीवास्तव , कुलदीप , ओमी गुप्ता, बाके बिहारी गुप्ता, ओमकार, राजेन्द्र ,मिश्री लाल आदि हजारो की संख्या मेभण्डारे का प्रसाद व कथा सुनने के लिए भीड जमा रही।

रिपोर्ट चन्द्र शेखर प्रजापति

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