स्मार्ट सिटि के अंतर्गत साइबर सुरक्षा पर संकयुत रूप से शोध कार्य

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प्रेस-विज्ञप्ति

प्रयागराज, 13 दिसम्बरः

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद तथा नॉर्वे यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, के बीच स्मार्ट सिटि के अंतर्गत साइबर सुरक्षा पर संकयुत रूप से शोध कार्य करेंगे ।

इस संदर्भ में नॉर्वे से प्रो. सोक्रेटिस कत्स्यिकास बुधवार को ट्रिपलआईटी इलाहाबाद पहुँचे और आज व्र्हस्पतिवार को संस्थान के विशेषज्ञों के साथ कई बैठकें की और परियोजना पर अमल शुरू कर दिया गया

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भारत सरकार और नॉर्वे सरकार ने आईसीटी के तहत भारत नॉर्वे सहयोग परियोजना के हिस्से के रुप में देश के स्मार्ट शहरों के ऊर्जा, बुनयादी ढांचे (सीपीएसईसी) में साइबर-भौतिक सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य करेंगी।

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सहयोग के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद विज्ञान एवं प्रधोयकी किया गया। नार्वे सरकार द्वारा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद को नार्वें की प्रतिष्ठित शोध परियोजना के लिए चयनित किया गया है। ट्रिपलआईटी की तरह से परियोजना समन्यवक के रुप में प्रो. ओ.पी. व्यास होगे जबकि नार्वे टीम की अध्यक्षता एनटीएनयू (नॉर्वे यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी) के प्रो. सोक्रेटिस कत्स्यिकास की है।

प्रो. ओ.पी. व्यास, परियोजना प्रमुख, संस्थान ने गुरुवार को कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय निमंत्रण के तहत 4 अक्टूबर,2018 को परियोजना की मंजूरी दे दी थी। कुल 50 प्रस्तावों में से केवल 5 प्रस्तावों की मंजूरी आरसीएन-नॉर्वे (नॉर्वे की रिसर्च काउंसिल) और डीएसटी-भारत (विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्रालय) के संयुक्त मूल्यांकन के बाद दी गयी है । भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के साथ देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली, आईआईएससी, बैंगलोर , आई आई टी , कानपुर और सी-रेस (ऑटोमेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग में रिसर्च सेंटर) हैं।

भारत के पक्ष से ट्रिपलआईटी इलाहाबाद और आईआईटी कानपुर और नार्वे के बीच सहयोग में कुल भारत के पक्ष से 4 प्रमुख जांचकर्ता और सहकर्ता शामिल है जबकि नॉर्वे से 03 पीआई (प्रिन्सिपल इंवेस्टिगेयटर ) और सह-पीआई शामिल हैं। जो छात्रों और संकाय सदस्यों के सहयोग के लिए एक दूसरे का सहयोग करेंगे। परियोजना का लक्ष्य अनुसंधान स्तर पर सहयोग के साथ-साथ ट्रिपलआईटी और एनटीएनयू के बीच शैक्षणिक स्तर के विकास के उदेश्य भी शामिल हैं।

संस्थान में इसी परिप्रेक्ष्य मे 14 दिसम्बर को अकादमिक गतिविधियों का प्रस्ताव देने के लिए बिजनेस इन्फार्मेटिक्स पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया है। कोलोक्यूमियम में फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्नोलाजीज), इंश्योरेंस एण्ड रिक्स एनालिटिक्स के क्षेत्र में सूचना सूरक्षा और सुरक्षित भुगतान गेटवे इत्यादि के अन्य विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

प्रो. सोक्रेटिस ने कहा कि परियोजनाएं स्मार्ट वातावरण, संचार प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय निगरानी और सुरक्षा और ऊर्जा तथा बुनियादी ढांचे में मजबूती से सुधार करके सामाजिक चुनौतियों के भीतर नॉर्वे और भारत के बीच अनुसंधान सहयोग को मजबूती मिलेगी।

“परियोजनाएं उच्च गुणवत्ता वाली हैं और कॉल के उद्देश्य को पूरा करने की उम्मीद है। यह परियोजना सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देगी जो दोनों देशों में अनुसंधान समूहों को मजबूती प्रदान करेंगी छात्रों एवं शोधार्थियों के लिए दीर्घ अवधि तक नये अवसर पैदा करेंगी

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