भवन निर्माण के लिए अभय चौटाला ने दिए 31 लाख रुपए

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भवन निर्माण के लिए अभय चौटाला ने दिए 31 लाख रुपए

27 जून 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

बहादुरगढ़(हरियाणा) एसवाईएल की लड़ाई में साथ देगी दलाल खाप, यह बात नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने बहादुरगढ़ हलका के सबसे बड़े गांव माडोठी में दलाल खाप 84 द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने के उपरांत कही। उन्होंने दलाल खाप 84 के तहत आने वाले 102 गांवों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उनका आभार प्रकट किया। इनेलो नेता को जहां दलाल खाप 84 के प्रधान भूप सिंह दलाल नेे पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। वही कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा बहादुरगढ़ से सैकड़ों गाडिय़ों के काफिले के साथ अभय चौटाला को कार्यक्रम स्थल पर लाया गया। तकरीबन 25 साल बाद दलाल खाप 84 ने किसी नेता को पगड़ी पहनाई है जिसके कारण राजनैतिक व सामाजिक तौर पर अभय सिंह चौटाला का कद और भी ऊंचा हुआ है।
उन्होंने बताया कि एक अकेले चौधरी देवीलाल ही ऐसे नेता थे जिन्होंने खाप पंचायतों के मान-सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ी और उसके बाद चौटाला परिवार हमेशा खाप पंचायतों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखता है। नेता प्रतिपक्ष ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे राजनीतिक भाषण तो रोज देते हैं लेकिन आज सामाजिक कार्यक्रम में परिवार के बीच आकर बुजुर्गों का आशीर्वाद चाहते हैं। अभय सिंह चौटाला ने पंचायत की मांग के अनुसार भवन के निर्माण के लिए 31 लाख रुपए देने की घोषणा के साथ आश्वासन दिया कि जरूरत पडऩे पर और भी धन उपलब्ध करवाया जाएगा।
इनेलो नेता यह भी कहा कि जब चौटाला साहब और अजय सिंह को जेल जाना पड़ा तो सभी विरोधी ये कहने लगे कि इनेलो पार्टी तो अब खत्म हो गई लेकिन कार्यकर्ताओं की बदौलत हमने इतनी मेहनत की और आज पूरे देश में अगर कहीं किसी पार्टी के संगठन की चर्चा होती है तो इनेलो का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल ने किसानों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया था और किसानों के लिए तो एक बार उन्होंने मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि चौधरी बंसी लाल ने हमेशा एसवाईएल के पानी के नाम पर राजनीति करने का काम किया था और 1966 से लेकर 1977 तक 11 वर्षों तक लोगों को भिवानी और तोशाम में नहरें बनवाकर बेवकूफ बनाते रहे थे लेकिन चौधरी देवीलाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद 31 मार्च 1978 को एसवाईएल नहर बनाने के लिए जमीन एक्वायर करने के लिए 1 करोड़ रुपया पंजाब की सरकार को दिया और उसके बाद 2 करोड़ रुपए और दिए ताकि नहर का निर्माण करवाया जा सके।
अभय सिंह चौटाला ने याद दिलाया कि जब चौधरी देवीलाल को किसानों के मुद्दों के चलते मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था और दोबारा 1987 में मुख्यमंत्री बने तो पंजाब के खराब हालातों के कारण उन्होंने एसवाईएल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अभय चौटाला ने कहा कि 10 नवंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हक में फैसला दे दिया लेकिन उसके बावजूद भी सरकार ने इस नहर का निर्माण नही करवाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 10 साल तक देश और प्रदेश में राज किया और अगर चाहती तो एसवाईएल का निर्माण करवा सकती थी लेकिन उसने नही करवाया और अब भी कांग्रेस के नेता एसवाईएल पर तो बोलते ही नही क्योंकि पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार है। उन्होंने कहा कि इनेलो एसवाईएल का पानी लाने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है और किसी भी कीमत पर हरियाणा के किसान और कमेरे वर्ग को एसवाईएल का पानी लाकर देगी।

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