हुड्डा को किनारे कर कांग्रेस करेगी अपना नुकसान

0

23 अगस्त 2018
अंबाला÷【संजय पांचाल】

अंबाला। आगामी चुनावों को देखते हुए सभी सियासी दलों ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस भी गुटबाजी के साथ प्रदेश की जनता को पार्टी की तरफ लामबंद करने में लगी है।
सभी दल हर वर्ग-जाति को अपनी ओर कर सत्ता पर काबिज होने के लिए नए-नए हथकंड़े अपना रहे है। हरियाणा की राजनीति में जाति वर्ग का विशेष स्थान है। कहा जाता है यहां आज भी लोग जाति देखकर ही वोट डालते है। ऐसे में हर वोट अहम हो जाता है। कांग्रेस को फिर सत्ता पर काबिज होना है तो ऐसे नेता को आगे लाना होगा जो प्रदेश के सभी वर्गों को अपनी तरफ कर सके।

प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है जिसके कारण वोटों के बंटने का खतरा भी है। जानकारों की माने तो आगामी विधानसभा चुनावों में अगर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को टिकट वितरण में सही तवज्जो नहीं दी तो इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है।

इसका कारण यह है कि इस समय प्रदेश में कांग्रेस के जितने विधायक हैं वे रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिलों से ही हैं। उन विधायकों को 2014 के विधानसभा चुनावों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के इशारे पर ही टिकट दिए गए थे। हरियाणा के मौजूदा कांग्रेस विधायकों में से लगभग सभी हुड्डा समर्थक माने जाते है।
हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर लगातार अलग-अलग सभाओं में कह रहे है कि टिकट उन्हीं को मिलेगी जो मेहनत करेंगे। इसका साफ मतलब है कि रोहतक, सोनीपत, जींद और झज्जर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चहेते उम्मीदवारों को शायद टिकट नहीं दिया जाए। जो हुड्डा को नाखुश कर देगा।
चूंकि इन चारों जिलों को जाट बैल्ट के रूप में देखा जाता है और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की इन चारों जिलों में अच्छी-खासी पैठ बनी हुई है इसलिए इन चारों जिलों में कांग्रेस को तभी फायदा हो सकता है जब इन जिलों में हुड्डा समर्थकों को ज्यादा से ज्यादा टिकटें मिलें। अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस हाईकमान चुनाव के दौरान हुड्डा को साइड करने का रिस्क लेते है या नहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

80 + = 90