हरियाणा में कौन मारेगा बाजी ?

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2 अगस्त 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

रोहतक। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होने लगी है। सभी दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए ढंग अपना रहे है। विपक्षी दल धरने, प्रदर्शन और रैलिया करके जनता को अपने साथ जोड़ने में जुटे है। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा भी कार्यकर्ताओं से संपर्क अभियान छेड़े हुए है। विरोधी दल केंद्र और प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों को उजागर कर जनता को उससे विमुख होने के लिए प्रेरित कर रहे है।

कांग्रेस के दो दिग्गज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी जनक्रांति यात्रा और प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक तंवर साइकिल यात्रा के माध्यम से भाजपा सरकार की गलत नीतियों की बखिया उधेड़ने में लगे है। यही नहीं, वे भाजपा की कर्मचारी, किसान, व्यापारी, छात्र, मजदूर विरोधी नीतियों की सच्चाई उजागर कर जनता को कांग्रेस से जोड़ने की कोशिश में लगे है। कांग्रेस के ही कुलदीप बिश्नोई, किरण चौधरी, कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, कैप्टन अजय सिंह यादव, अपने अपने क्षेत्रों में अपने अपने ढंग से भाजपा की नीतियों का पुरजोर विरोध करने में लगे है।

इन सभी नेताओं का एक ही लक्ष्य है कि भाजपा को सत्ता से किस प्रकार दूर किया जाए। ये सभी नेता कांग्रेस में कोई मतभेद होने की बात स्वीकार नहीं करते फिर भी एक दूसरे के कार्यक्रमों में भाग लेने से कतराते है। इंडियन नेशनल लोकदल ने एसवाईएल का मुद्दा उछालकर जेल भरो आंदोलन से अपनी शक्ति का परिचय देने का प्रयास किया है। जेल भरो आंदोलन में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी बढ़ चढ़कर शामिल हुए। कागजों के अनुसार, जेल भरो आंदोलन में लगभग ढाई लाख कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारिय़ां दी।

यही दावा इनेलो नेताओं द्वारा लगातार किया जा रहा है। जबकि कांग्रेस के नेता इस जेल भरो आंदोलन पर तंज कसते हुए कहते है कि जेल भरो आंदोलन में न तो जेल थी न ही कोई धरातल पर गिरफ्तारी हुई। केवल यह कागजों पर सिमट कर रह गया जेल भरो आंदोलन है। हरियाणा के किसान इनेलो-बसपा के एसवाईएल पर चलाए गए जेल भरो आंदोलन को उम्मीद भरी आंखों से देख रहे है

उन्हें विश्वास है कि पार्टी के इस अभियान से उनकी सुखी जमीन को सिंचाई के लिए नहरी पानी मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती है। उधर, आम आदमी पार्टी हरियाणा जोड़ो अभियान के तहत पूरे प्रदेश में मतदाताओं से संपर्क साधकर भाजपा द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वायदों को लागू न करने के बारे अवगत कराकर जनता को अपनी पार्टी के साथ जोड़ने में जुटे है।

साथ ही पार्टी भाईचारा कावड़ यात्रा के माध्यम से प्रदेश में भाईचारा और खुशहाली लाने के लिए हरिद्वार से रोहतक तक कावड़ यात्रा निकाल रही है। इस अभियान से भी जनता उनसे जुड़ सकती है। जिसके माध्यम से पार्टी गांव गांव में अपनी जन कल्याणकारी नीतियों का प्रचार करने के साथ-साथ भाजपा व कांग्रेस की पोल भी खोल रही है।

वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा ने आने वाले चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं में नाराजगी दूर करने के लिए संपर्क अभियान छेड़ा हुआ है। प्रदेश के मंत्री, विधायक व पार्टी के शीर्ष नेता कार्यकर्ताओं के घर-घर जाकर उनकी समस्याओं को सुनकर हल कराने के प्रयास में जुटे हुए है।

इससे पार्टी के प्रति कार्यकर्ताओं में जो रोष था वह काफी हद तक समाप्त होता दिख रहा है और कार्यकर्ता फिर से एकजुट होकर पार्टी प्रचार में जुट गए है। यह तो भविष्य के गर्भ में है कि इन दलों के प्रयासों को कितनी सफलता मिल पाती है।

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