सी.एम विन्डो पर दस्तक देने के बाद भी नहीं मिला न्याय

0

13 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

अभी तक मुक्त नहीं करवाई गई विधवा की जमीन कब्जाधारियों से

सी.एम विन्डो का जवाब और आर.टी.आई से लिए गए जवाब में है भारी अन्तर

करनाल(हरियाणा)सी.एम सिटी में एक विधवा की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। सी.एम विन्डो पर दस्तक देने के बाद भी विधवा महिला को न्याय नहीं मिला है। इस जमीन पर कब्जा करने वालो में भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल है। जानकारी के अनुसार करनाल में नरूखेड़ी बस स्टैंड के पास एक विधवा महिला पुष्पा खुराना की जमीन पर राजनैतिक तौर पर दबंग व्यक्तियों ने जबरन कब्जा ही नहीं किया बल्कि अवैध रूप से धर्मशाला का निर्माण भी शुरू कर दिया। इस धर्मशाला के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के भाई चरणजीत खट्टर तथा पूर्व गृहमंत्री आई.डी.स्वामी के पुत्र राजेन्द्र स्वामी भी पहुंच गए थे और उन्होंने विवादित जमीन पर धर्मशाला का शिलान्यास भी कर दिया था। जबकि इस जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एस.पी और डी.सी जांच कर रहे है थे और यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। जानकारी देते हुए पुष्पा खुराना के बेटे अनुज खुराना ने बताया कि उसकी माता 70 वर्ष की है और उन पर भागदौड़ नहीं की जाती। अनुज के पिता की मृत्यु 1987 में हुई थी। अनुज ने बताया कि उसकी माता रिटायर्ड अध्यापिका है। उनकी कृषि भूमि जरईवाका ग्राम नरूखेड़ी तहसील व जिला करनाल में है। यह जमीन करनाल से असंध जाने वाली मेन रोड पर है। उनकी जमीन पर गुरमीत नरवाल, जगदीश फौजी तथा अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया और निर्माण कार्य शुरू करने लगे। जब वह तथा उनकी माता निर्माण को रोकने के लिए पहुंचे तो उन्हें धमका दिया गया। इसकी शिकायत जुंडला पुलिस चौकी में की गई। बाद में इसकी शिकायत एस.पी ओर डी.सी को भी की गई। जमीन की जमा बंदी में उनका नाम आज भी है। आरोपियों का नाम कहीं नहीं है। आरोपी उनकी जमीन पर काम करने वाले मजदूरो को धमका रहे है। वह सरेआम कहते है कि वह भाजपा के नेता है। उनके ऊपर मुख्यमंत्री का हाथ है। इसलिए उनका कुछ नहंी बिगाड़ सकता। उन्हें आश्चर्य तो इस बात पर हुआ कि विवादित जमीन जिस पर भाजपा के नेता अवैध निर्माण कर रहे है। उसका उदघाटन करने के लिए मुख्यमंत्री के भाई चरणजीत खट्टर पहुंच गए। जिनको लाने में पूर्व गृहमंत्री आई.डी.स्वामी के पुत्र राजेन्द्र स्वामी के पुत्र की अहम भूमिका रही। प्रार्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री तो ईमानदार लगते है लेकिन अधिकारी उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनकी जमीन को मुक्त करवाने की मांग की है। जिससे एक विधवा और बुजुर्ग महिला को न्याय मिल सके। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने सी.एम विन्डो पर भी दस्तक दी, लेकिन वहां से भी अभी तक न्याय नहीं मिला। जब उन्होंने आर.टी.आई के माध्यम से जानकारी मांगी तो उसमें पता चला कि इस मामले में जांच 25 अप्रैल, 2018 को डी.एस.पी घरौंडा के पास लम्बित है। जबकि सी.एम विन्डो पर कहा गया है कि इस मामले में जांच तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि आखिरकार वह कहां जाये। अब उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

− 1 = 3