शिक्षक एवं शिक्षार्थियों ने शहीद अजीत कुमार आजाद के घर जाकर दी श्रद्धांजलि।

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शिक्षक एवं शिक्षार्थियों ने शहीद अजीत कुमार आजाद के घर जाकर दी श्रद्धांजलि।

संवादाता  चंद्रशेखर प्रजापति

उन्नाव / उत्तर प्रदेश । जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों के कायराने हमले में शहादत देने वाले शहीदों के परिवार ही नहीं बल्कि पूरा देश दुखी है यह बात डा० विपिन सिंह ने अश्रुपूर्ण भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्नाव शहर के बी एड विभाग डीएसएन कॉलेज उन्नाव में कही आगे उन्होंने बताया अजीत कुमार आजाद बहुत ही शेरे दिल जवान थे वे देश पर मर मिटने को सदा तैयार रहते थे।

आज भारत के वीर जवान देश की आन,बान, शान के लिए निरन्तर अपने प्राणों की आहुति दे रहे है। हाल ही में पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में अनेकों जवानों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।पूरा देश आज भारत के वीर सपूतों को नम आँखों से याद कर रहा है और श्रद्धांजलि का सिलसिला चलता जा रहा है। इसी क्रम में बी एड विभाग, बी.लिब विभाग, डी0एस0एन0कालेज व मनोहर लाल इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशनल के शिक्षक-शिक्षार्थियों ने कॉलेज परिसर से पुलवामा में शहीद उन्नाव के लाल वीर अजीत कुमार आजाद को याद करते हुए श्रद्धांजलि यात्रा उनके घर तक निकाली और शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित व् दीप अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस गमगीन माहौल में कालेज परिवार के सहयोग से एकत्रित 51 हजार रुपए का चेक प्राचार्य डॉ0 मानवेन्द्र सिंह द्वारा शहीद के परिवार को प्रदान करते हुए इस बात का विश्वास दिलाया गया कि कॉलेज परिवार हमेशा शहीद के परिवार के साथ है तथा बी एड विभाग, बी.लिब विभाग डी0एस0एन0कालेज व मनोहर लाल इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशनल के शिक्षार्थियों 6,000 रूपये दिए और परिवार को समय-समय पर उन्हें हर तरह की सहायता मुहैया करायी जायेगी।

पत्रकारों से बात करते हुए शहीद के पिता पी0 एल0 आजाद ने बताया हमारा बेटा हमेशा कहता रहता था। पापा पता नहीं कब हमारी सहादत की सूचना आपको मिले पिताजी चिंता मत करना । क्या पता कब ? हमारा जीवन देश के काम आ जाए । जम्मू कश्मीर में माहौल ऐसा है ? हम सब पत्थर खाते हैं जवाब नहीं दे सकते जवान पर गोलियां चलती है उत्तर नहीं दे सकते । कहते हुए वृद्ध पिता की आवाज गिड़गिड़ाने लगी और भावुकता के कारण कुछ और कह पाए।

इस दुःख की घड़ी में शहीद अजीत के माता-पिता,पत्नी,भाई और बेटियों की निरन्तर बह रही अशुओ की धारा को देखते हुए शहीद के घर पर पहुँचे शिक्षक-शिक्षार्थियों में व्याप्त आक्रोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी एक सुर में बस यही कह रहे थे कि-

शहादत पर सौ सौ सलाम होना चाहिए

अबकी घमासान ही सही,नही युद्ध विराम होना चाहिए

कर दिया ना पाक के,आतंक के टुकड़े टुकड़े

ये इल्जाम हम ही,पर होना चाहिए

वीर अजीत के पिता आहत है कि हम सक्षम होते हुए भी पाकिस्तान को जवाब क्यों नही दे पाते? पिता का साया छीन रहा,माताओं की गोद उजड़ रही,सुहागिन विधवा हो रही है और बच्चे अनाथ हो रहे है आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा।सरकार को इस पर जल्द से जल्द विचार करना चाहिए और इन आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। श्रद्धांजलि यात्रा में शामिल होने वालों में डॉ रंजीत सिंह, डॉक्टर ममता चतुर्वेदी, डॉ0सुनील पाण्डेय, डा उमेशचन्द्र, डॉ जुगेश कुमार,डा0सुदर्शन कुमार सिंह वाजपेयी ,डॉ0मनीष त्रिपाठी,डॉ0गीता श्रीवास्तव,डा पूनम शुक्ला,डॉ0विनय तिवारी,डॉ0अनिल साहू,डॉ0 राकेश चौरसिया, सुरेश कुमार पटेल ,अभिमान कुमार पटेल ,सहित कालेज के तमाम विद्यार्थी मौजूद रहे

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