विद्यार्थियों के उबाउपन को दूर करने के लिए सहगामी गतिविधियां जरूरी : डॉ विपिन सिंह

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संस्कारशाला एवं प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम।

संवाददाता : चंद्रशेखर प्रजापति

  1. उन्नाव   ( उत्तर प्रदेश ).प्रत्येक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को लेकर एक मानसिक तनाव से गुजर रहा है इतना ही नहीं वह इस तनाव की वजह से स्वयं को ज्यादा समय तक पढ़ाई से जोड़ भी नहीं पाता है यह बात बीएड विभाग डीएसएन कॉलेज उन्नाव संस्कारशाला को संबोधित करते डॉक्टर सिंह ने कही आगे उन्होंने बताया आजकल अधिकांश विद्यार्थी एक किताबी कीड़ा बना रहता है, जिससे विद्यार्थी एक अलग सा ऊबाउपन महसूस करता है जिससे कि एक ही चीज़ को बार बार पढ़ लेने के बाद भी वह दिमाग में नहीं बैठ पाती है। तो इसका साफ कारण हमारी मानसिक थकान ही है। और उस थकान और तनाव को दूर करने के लिए हमें बहुत जरूरी है खेलों से जुड़े रहना। स्वयं के लिए समय का कुछ हिस्सा निकाला जाये जिससे हम अपना मनोरंजन कर सकें और मनोरंजन का मुख्य साधन शारीरिक गतिविधियों से संबंधित खेल ही हो इस तरह की संस्कारशाला का महत्व बढ़ जाता है।

क्रांति के दूत तुम ही हो , सृजन का गान है तुमसे । कीर्ति चारों ओर विकसित है, कौन अनजान है तुमसे। विद्वता और बल पौरूष का , तुम अद्भुत समन्वय हो। विपिन में तेज है रवि सा , अंधेरा भागता तुमसे। यह बात नूतन वर्ष पर संस्कारशाला में सारनाथ समूह बीएड विभाग ने डॉ विपिन सिंह को सम्मानित करते हुए कहीं आगे बताया कर्मठ, ईमानदार तथा छात्रों के प्रति निष्ठा रखने वाले शिक्षक का सदैव सम्मान किया जाता है उत्कृष्ट, वैचारिक ,संप्रेषण, दूरदर्शी, युवा वर्ग के चरित्र निर्माण के दृढ़वृती, निर्वसन ,निरापद, निश्चिंत, निश्छल , निर्लोभी , निष्कलुय डॉ विपिन सिंह के व्यक्तित्व पर्याय हैं। वहीं संस्कारशाला कार्यक्रम संबोधन करते हुए ।

कार्यक्रम संयोजक डॉ सुनील वर्मा ने कहा संस्कारों के बिना दी जाने वाली शिक्षा केवल जीवन यापन कर सकती है इसके अतिरिक्त कुछ नहीं कर सकती है यदि संस्कार युक्त शिक्षा देनी हो तो बालक में शुरू से ही विभिन्न प्रकार के संस्कारों से निर्मित करना होगा। जैसा कि हम भारतीयों के बारे में अक्सर कहा जाता है यदि शरीर से खून की एक एक बूंद निकाल दी जाए तो इंसान जीवित रह सकता है परंतु यदि संस्कार निकाल दिए जाएं मृत समान हो जाता है।महाविद्यालय के प्राचार्य मानवेंद्र सिंह ने डॉ विपिन सिंह के कार्यों की सराहना की कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग अध्यक्ष ममता चतुर्वेदी की इस मौके पर कार्यक्रम का आयोजन डॉ विपिन सिंह, संयोजक डॉक्टर सुनील वर्मा, जुगेश कुमार स्वागताध्यक्ष प्रोफेसर रेखा सक्सेना, डॉक्टर गीता श्रीवास्तव , अंकित कुमार सुभाष चंद्र , छात्राध्यापक अभिषेक श्रीवास्तव, नीरज मिश्रा, अवनीश पटेल, विपिन पटेल, मधुर पटेल, एहतेशाम अंसारी, शिव प्रकाश, आनंद, आशुतोष, राघवेंद्र, अंकुर,नरेंद्र, शेफाली, नगमा खान, प्रियंका, रचना, दीपिका, बुशरा, शबनम, साधना, प्रीती, शिवनगिनी, प्रिया, नेहा, रीता, अंजलि, सुरेंद्र कुमार ,प्रशांत कुमार , लक्ष्मी वर्मा, राहुल यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

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