रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार की वायदा खिलाफी के विरोध में 24 घंटे की भूख हडताल की शुरू

0

21 सिंतबर 2018
रोहतक÷【संजय पांचाल】

सरकार को चेताया, स्वीकृत समझौते लागू नहीं हुए तो आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा

रोहतक हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर वीरवार को रोहतक डिपो में कर्मचारियों ने सरकार की वायदा खिलाफी के विरोध में जमकर नारेबाजी की और 24 घंटे की सांकेतिक भूख हडताल/सत्याग्रह शुरू किया।

रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कई वायदे किए थे लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद भी एक भी वायदा पूरा नहीं किया। अब सरकार तानाशाही रवैया अपना कर कर्मचारियों की एकता को तोडऩे का प्रयास कर रही है, जिसमें वह कभी सफल नहीं होगी।

कर्मचारियों ने चेताया कि अगर सरकार ने समय रहते स्वीकृत समझौते को लागू नहीं किया तो इसका खामियाजा आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

डिपो प्रधान जोगेन्द्र बल्हारा व सतबीर मुंढाल के नेतृत्व में काफी संख्या में रोडवेज कर्मचारी नए बस स्टैंड परिसर में एकत्रित हुए और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए। सर्व कर्मचारी संघ के सचिव रमेश लौरा व हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव बिजेन्द्र गुलिया ने कर्मचारियों को माला पहनाकर भूख हडताल पर बैठाया।

कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार सभी विभागों का निजीकरण करने पर तुली हुई है और इसी कड़ी में रोडवेज के बेडे में 720 बसों को ठेके पर लिया जा रहा है, जिसका रोडवेज कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे हैं लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता अपनाएं हुए है।

उन्होंने कहा कि इन बसों के विभाग में शामिल होने पर विभाग को भारी घाटा होगा क्योंकि जहां पहले विभाग की बसो की आय 25-26 रुपए प्रति किलोमीटर पडती है, वहीं अब अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए 32 से 39 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से बसों को ठेके पर लिया जा रहा है, जिसे रोडवेज कर्मचारी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

संयुक्त संघर्ष समिति के राज्य पदाधिकारी दीपक बल्हारा व जयकुंवार दहिया ने कहा कि सरकार के इस फैसले के विरोध में सात अगस्त को रोडवेज कर्मचारियों ने एक सफल हडताल की थी लेकिन अब सरकार ने कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए एस्मा जैसा काला कानून लगा दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन सरकार एस्मा लागू कर कर्मचारियों की आवाज को दबाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते 720 बसों को ठेके पर लेने के निर्णय को रद्द करे तथा जिन कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मुकदमे दर्ज हुए, उन्हें तुरन्त बिना शर्त खारिज करने की मांग की। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो आगामी समय में कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

भूख हड़ताल पर बैठने वालों में जोगेन्द्र बल्हारा, सतबीर मुढांल, दीपक बल्हारा, जयकुंवार दहिया, हिम्मत राणा, राजकुमार हुड्डा, सुरेन्द्र बैनिवाल, उमेद घनघस, रमेश, जसवंत वैद्य, प्रदीप हुड्डा, प्रदीप धनखड़, राममेहर प्रमुख रूप से शामिल रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 − 16 =