रेवाड़ी में गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला, स्टाफ पूरा करने की मांग को लेकर उठाया यह कदम

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30 अगस्त 2018
रेवाड़ी÷【संजय पांचाल】

रेवाड़ी शिक्षा मंत्री भले ही प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के दावे करते नहीं थक रहे, लेकिन शिक्षकों के अभाव में छात्रों का भविष्य आज भी अंधकार मय बना हुआ है। इसी के चलते आज जिले के गांव चिल्हड़ में गुस्साए ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल पर ताला जड़ दिया।

स्कूल पर ताला जड़ने की खबर जैसे ही प्रशासन को लगी तो शिक्षा विभाग व प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन देकर स्कूल का ताला खुलवाया।
दरअसल गांव में स्थित एक ही भवन में दो स्कूल चल रहे हैं। प्राथमिक पाठशाला में जहां 67 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। वहीं उच्च विद्यालय में 150 से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं।

कुल मिलाकर स्कूल में करीब 300 छात्र हैं, लेकिन यहां हैरान करने वाली बात यह है कि उच्च विद्यालय में 2 शिक्षकों के अभाव के चलते छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं पिछले डेढ़ साल से शिक्षकों की कमी के चलते कई छात्र तो यहां फेल तक हो चुके हैं और नौवी कक्षा में तो केवल 3 छात्र ही उत्तीर्ण हो सके हैं।

हालांकि इसे लेकर ग्रामीणों की तरफ से करीब 1 साल पहले विभाग को अवगत भी कराया गया था और लगातार इस दौरान वे कई बार इस बात को सूचित भी कर चुके हैं, लेकिन विभाग है कि कुम्भकर्णी नींद सो रहा है। उन्हें छात्रों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं रह गया है।

ऐसे में देश का भविष्य कहलाने वाले इन नौनिहालों का क्या होगा, यह तो खट्टर सरकार ही बता पाएगी। मगर इतना जरूर है कि यहां छात्रों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।
अब देखना होगा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या रिक्त शिक्षकों के पदों को भरा जाएगा या फिर इसी तरह छात्रों का भविष्य अंधकार में ही रहेगा।

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