रामपाल समर्थकों ने दी चेतावनी, होगा आंदोलन

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1 अगस्त 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

रोहतक। संत रामपाल के समर्थकों ने एससी/एसटी कानून को कमजोर करके पिछड़ा व अति पिछड़ा समाज को सम्मान से जीने के हक पर कुठाराघात किए जाने के विरोध में बुधवार को उपायुक्त डॉ यश गर्ग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया।

इस अवसर पर अनुयायिओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय एकता मिशन की प्रदेश अध्यक्ष कांता आलाड़िया, अखिल भारतीय राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के प्रधान रामकुमार ढाका, प्रेस प्रवक्ता चांद राठी ने कहा कि 1989 में पिछड़ा – अति पिछड़ा समाज के हकों की रक्षा तथा समाज को सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार प्राप्त हुआ था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च 2018 को अपने फैसले में इस कानून की हवा निकाल दी। जिसके तहत इस समाज के लोगों को 100 साल पुराने समय की तरह नारकीय जीवन जीने के लिए बाध्य कर दिया।

इस फैसले के बाद पूरे देश में पिछड़ा व अति पिछ़ड़ा समाज अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि एससी एसटी एक्ट में हुए परिवर्तन को समाज किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। ऐसे समय में संत रामपाल महाराज ने इनके हकों की रक्षा व पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज को सम्मान पूर्वक जीने के हक को दोबारा पूर्व वाले कानून को संसद में बिल पास कराके बहाल कराने के लिए इस समाज के हक में आवाज उठाई।

वैसे तो संत रामपाल किसी जाति पाति को नहीं मानते फिर भी किसी भी मानव जाति धर्म व समुदाय के खिलाफ सरकार द्वारा अन्याय करने पर संत रामपाल महाराज के सान्निध्य में राष्ट्रीय समाज सेवा समिति समुदाय के साथ सहयोग करने में तत्पर रहती है तथा आखिरी समय तक उसका साथ देकर सरकार द्वारा किए जा रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी।

ज्ञापन में मांग की गई कि उक्त कानून को पूरी तरह लागू करने का काम करे और चेतावनी दी गई कि देश में पिछड़ा-अति पिछड़ा समाज के द्वारा किए गए किसी भी संवैधानिक व हिंसापूर्वक आंदोलन को तन मन धन से अंतिम समय तक सहयोग देंगे।

सभी वक्ताओं ने कहा कि वो पुराने कानून को लागू कराने के लिए हर प्रकार का बलिदान करने के लिए तैयार है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस का व्यापक प्रबंध था। वाहनों के रूट भी बदले गए। रामपाल के प्रवक्ता चांद राठी ने बताया कि आज के दिन पूरे देश में प्रत्येक जिले में उपायुक्त के माध्यम से सतपाल के अनुयायी द्वारा पीएम मोदी को ज्ञापन दिया। इस प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी।

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