बुराड़ी कांड में चौंकाने वाला खुलासा, 2015 से डायरी में लिखी थी हर एक बात

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2 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

बुराड़ी कांड में तीन साल पहले ही लिखी गई थी यह कहानी।

नई दिल्ली। दिल्ली की बुराड़ी कांड ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है। 11 लोगों की लाशें मिलने से हाहाकार मचा हुआ है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा किया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पुलिस को एक ऐसी रजिस्टर मिली है, जो 2015 की है। यह रजिस्टर घर के अंदर मौजूद एक मंदिर के बगल में रखा हुआ था। इसे खोलने के बाद सबके पसीने छूट गए।

रजिस्टर में लिखी थी पूरी कहानी

जानकारी के मुताबिक, इन रजिस्टर्स में सभी के मौतों का दिन, वक्त और तरीका तक लिखा हुआ था। क्राइम ब्रान्च सूत्र के मुताबिक परिवार 2015 से रजिस्टर में नोट्स लिख रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परिवार ने अपनी जान वैसे ही दी है, जैसी रजिस्टर में लिखी है। रजिस्टर में लिखा है कि सभी लोग अपनी आंखों पर पट्टियां अच्छे से बांधेंगे। पट्टी ऐसे बंधे कि सिर्फ शून्य दिखे। इसके अलावा रस्सी के साथ सूती चुन्नी और साड़ी का ही इस्तेमाल करना होगा। सात दिन बाद लगन और श्रद्धा से लगातार पूजा करनी होगी, अगर इस दौरान कोई घर में आए तो पूजा अगले दिन करनी होगी। रविवार या गुरुवार के दिन को ही इस काम के लिए चुनें। बेब्बे खड़ी नहीं हो सकती तो अलग कमरे में लेट सकती हैं। इसके अलावा परिवार के सभी सदस्यों की सोच एक जैसी होनी चाहिए, इसके बाद आगे के काम दृढ़ता से शुरू होंगे। हाथों को बांधनेवाली पट्टियां बच जाएं, तो उन्हें आंखों पर डबल बांध लें। जितनी दृढ़ता और श्रद्धा दिखाओगे, फल उतना ही उचित मिलेगा। रात 12 से 1 बजे के बीच यह काम करना है और उससे पहले हवन करना है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिवार ने बिलकुल उसी अंदाज़ में मौत को चुना जैसा पहले से रजिस्टर में दर्ज था। रजिस्टर में पहली एंट्री नवंबर 2017 की है, जबकि आखिरी एंट्री 25 जून की है। रजिस्टर में लिखा था- सभी इच्छाओं की पूर्ति हो। फिलहाल, अब पुलिस रजिस्टर की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

गौरतलब है कि, इस हत्या के पीछे तंत्र-मंत्र की कहानी बताई जा रही है। इसके अलावा कई चौंकाने वाले राज भी अब तक सामने आए हैं। लेकिन, देश की राजधानी की इस कटना ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है और लोगों को हैरत में डाल रखा है। क्योंकि, दिल्ली में इससे पहले आज तक ऐसी घटना नहीं घटी थी।

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