बहादुर बहनें फरीदाबाद की दो सगी नाबालिग बहने पहुंची चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर की शरण में

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3 अगस्त 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

फरीदाबाद से फरीदाबाद की दो नाबालिग सगी बहनो की मथुरा में उनके ननिहाल में माँ बाप द्वारा जबरन शादी करवाने का मामला सामने आया है इस शादी से बचने के लिए नाबालिग बहनो ने मथुरा से भागकर फरीदाबाद स्थित चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर की शरण ली है यह बच्चियां फरीदाबाद के सोतई गावं की रहने वाली है और दसवीं और बारवी की परीक्षा हरियाणा बोर्ड से 71 और 72 प्रतिशत अंको से पास कर चुकी है और भविष्य में आगे पढ़ना चाहती है ताकि अपने पैरो पर खड़ी हो सके फिलहाल चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर बल्लभगढ़ के महिला थाने की मदद से अब इन्हे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आगे पेश करने की तैयारी कर रहे है आपको बता दे बीते अप्रैल महीने में भी इन नाबालिग बहनो की जबरन करवाई जा रही शादी रुकवा दी गयी थी लेकिन एक बार फिर उनकी जबरन शादी करवाने की प्लानिंग की जा रही थी जिसके चलते उन्हें एक घर करके रखा हुआ था लेकिन समय रहते यह बच्चियां मथुरा से भागकर फरीदाबाद पहुंच गयी गौरतलब है की बल्लभगढ़ के सोतई गांव के रहने वाली मनीषा और अन्नू दोनों सगी बहने है और इनमे मनीषा हरियाणा बोर्ड से 12 की परीक्षा 72 प्रतिशत अंको से पास कर चुकी है जबकि छोटी बहन अन्नू दसवीं की परीक्षा 71 प्रतिशत अंको से पास कर चुकी है यह दोनों बहने ही नाबालिग है जिन्हे इनके माँ – बाप ने मथुरा स्थित ननिहाल में एक कमरे में बंद करके रखा हुआ था जहाँ इनके साथ जबरन शादी करने को लेकर मारपीट भी की जाती थी अपने आपको शादी से बचाने के लिए यह दोनों बहने मथुरा से भागकर फरीदाबाद स्थित चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर हेमा कौशिक से मिली और मदद की गुहार लगाई चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर हेमा कौशिक ने बताया की बीते अप्रैल महीने में उन्हें सूचना मिली थी की सोतई गांव की रहने वाली दो नाबालिग बहनो की उनके माँ – बाप जबरन शादी करने की नियत से उन्हें मथुरा ले गए है इस पर उस समय उन्होंने मथुरा के एएसपी से संपर्क साँधा और इस शादी को रुकवाने के लिए कहा. इस पर मथुरा पुलिस ने इन बच्चियों के ननिहाल पहुंचकर कार्यवाही करते हुए शादी को रुकवा दिया था और बच्चियों के बयान दर्ज कर लिए थे जिसमे इन बच्चियों ने जबरन शादी करवाय जाने की शिकायत दी थी. चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर ने बताते हुए कहा की वह चाहते थे की बच्चियां फरीदाबाद वापिस आये तांकि उनकी निगरानी समय – समय पर की जा सके लेकिन परिजनों ने इन्हे मथुरा ननिहाल में ही रोक लिया था जिसमे वह कुछ नहीं कर सकते थे लेकिन इस कहानी में दूसरा मोड़ उस समय आया जब एक बार फिर इनके माँ – बाप ने इनकी शादी करने की प्लानिंग कर ली जिसे देख बच्चियां मथुरा से भागकर मदद के लिए उनके पास पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। बच्चियों के अनुसार इनके माँ बाप ने इन्हे वहां कमरे में बंद कर रखा था और इनसे मारपीट भी की जाती थी. अधिकारी ने बताया की अब उन्होंने बल्लभगढ़ महिला थाने में सूचना दे दी है पुलिस के आने के बाद बच्चियों के बयान दर्ज कर इन्हे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आमने पेश किया जाएगा और इन बच्चियों को शेलटर होम में जगह दिलवाई जायेगी। उन्होंने बताया की यह बच्चियां अच्छे अंको से दसवीं और बारवी की परीक्षा पास कर चुकी है और आगे पढ़ना चाहती है उन्होंने पेरेंट्स से अपील की – कि इतने पढ़ने लिखने वाली बच्चियों को जबरन शादी में न झोंककर इन्हे पड़ने दे और इनका भविष्य खराब न करे वहीँ अपने भविष्य के सपनो को साकार करने के लिए मथुरा से भागकर आयी इन दोनों नाबालिग बहनो ने बताया की पहले अप्रैल में उनकी शादी जबरदस्ती मथुरा में करवाई जानी थी जिस पर उन्होंने फरीदाबाद चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर को फोन करके सूचना दे दी थी जिस पर उन्होंने उनकी मदद करते हुए यह शादी रुकवा दी थी और यह नंबर उन्हें स्कूल में एक अवेयरनेस कार्यक्रम के दौरान बताये गए थे जिसे उन्होंने नोट कर लिया था बच्चियों ने बताया की अब एक बार फिर उनकी जबरन शादी करवाने की तैयारियां की जा रही थी जिसमे उसके माँ बाप और ननिहाल वालो के अलावा उनके मौसा भी शामिल है शादी से बचने के लिए वह भागकर यहाँ मदद के लिए आयी है और आगे पढ़ना चाहती है इन नाबालिग बहनो की बहादुरी देखकर चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर और पुलिस भी इनकी कायल हो गयी है जाहिर सी बात है की इन बच्चियों के उठाय गए इस कदम से अन्य नाबालिग बच्चियों को प्रेरणा मिलेगी जिनके माँ बाप उनकी जबरन कम उम्र में शादी करवाकर उनके भविष्य को गर्त में झोंक देते है

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