फिर कर्मचारियों ने दी चेतावनी, क्या करेगी मनोहर सरकार ?

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13 सितम्बर 2018
रोहतक÷【संजय पांचाल】

रोहतक। हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने सरकार के तानाशाही रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की और एस्मा जैसे काले कानून को वापिस लेने की मांग की। साथ ही चेताया कि अगर सरकार ने एस्मा के तहत गिरफ्तार रोड़वेज कर्मचारियों व बहुउदेश्यीय स्वास्थ्य कर्मियों को बिना शर्त रिहा नहीं किया तो 13 सितंबर को प्रदेश स्तरीय बैठक में आगामी आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।

हरियाणा कर्मचारी महासंघ की बैठक प्रदेशाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा, प्रांतीय महासचिव वीरेन्द्र सिंह धनखड़ व वरिष्ठ उपप्रधान बालकुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना कर कर्मचारियों की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रही है, जिससे वह कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन सरकार हठधर्मिता अपनाए हुए है। आज सरकार की नीतियों से हर वर्ग परेशान है और आंदोलन करने पर मजबूर है, लेकिन सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी विभागों को निगम बनाने पर तुली हुई है, जिसे प्रदेश के कर्मचारी किसी कीमत पर सहन नहीं करेंगे।

उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी दलों से भी सरकार द्वारा कर्मचारियों पर लगाए गए एस्मा का विरोध करने की अपील की। कर्मचारी नेताओं ने कहा सरकार पूर्णरूप से तानाशाही की प्रवृति अपना कर लोकतंत्र का गला घोट रही है। प्रांतीय महासचिव वीरेन्द्र सिंह धनखड़ ने कहा कि 13 सिंतबर को रोहतक में यूनियन मुख्यालय में महासंघ की प्रदेश स्तरीय बैठक होगी, जिसमें सरकार द्वारा लगाई गई एस्मा व कर्मचारियों पर किए जा रहे हमलों के विरोध में रणनीति बनाकर आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। साथ ही उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने समय रहते अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी और स्वीकृत समझौते को लागू नहीं किया तो इसका खामियाजा सरकार को आगामी चुनाव में भुगतना पडेगा। अब देखने वाली बात होगी कि मनोहर सरकार इस चेतावनी का क्या जवाब देती है।

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