परिक्रमा पड़ाव स्थल के कबीर जागू आश्रम की जमीन किया रहा था निर्माण कार्य।

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परिक्रमा पड़ाव स्थल के कबीर जागू आश्रम की जमीन किया रहा था निर्माण कार्य।

मिश्रिख / सीतापुर । महर्षि दधीचि की पावन तपोभूमि पर फागुन मास के होली परिक्रमा मेला में दूरदराज से आने वाले भक्त एवं श्रद्धालु तथा महिलाओं के रहने व शौचालय सुविधा के लिए कबीर जागू आश्रम ट्रस्ट के आचार्य महंत प्रेमदास की जमीन पर ही कराया जा रहा था निर्माण कार्य।

आपको बताते चलें  कबीर जागू आश्रम के आचार्य महंत प्रेमदास के गुरु आचार्य महंत परमेश्वर दास उर्फ परमेश्वर साहब फरवरी 2006 में श्री कबीर जागू आश्रम की वसीयत शिष्य आचार्य महंत प्रेमदास के नाम की थी जोकि आश्रम के मालिक है जिनके द्वारा ही ग्राम जसरथपुर परगना व तहसील मिश्रिख जिला सीतापुर के गाटा संख्या 504 व 505  जो प्रेमदास चेला महंत परमेश्वर दास उर्फ परमेश्वर साहब निवासी कबीर जागू स्थल शिवपुर जिला वाराणसी के नाम संख्या भूमि दर्ज है। जिसकी मौके पर सीतापुर हरदोई मार्ग तहसील मिश्रिख के किनारे स्थित गाटा संख्या 505 तथा उसके पीछे गाटा संख्या 504 जिसमें आम के पेड़ लगे हैं । तथा गाटा संख्या 504 में भी 4 पेड़ आम के लगे हैं भू चित्र के अनुसार गाटा संख्या 505 नंबर पर आचार्य श्री महंत प्रेमदास द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिस पर तथाकथित दबंग लोगों के द्वारा निर्माण कार्य पर अवरोध उत्पन्न कर धन उगाही की मांग की गई। आचार्य महंत श्री प्रेमदास के द्वारा सुविधा शुल्क ना दिए जाने पर आचार्य महंत प्रेमदास पर दुष्प्रचार कर उन्हें बदनाम करने की साजिश दबंगों के द्वारा रची गई। जिसकी प्रशासनिक जांच होने के बाद व निर्माण कार्य पूर्ण रूप से वैद्य पाया गया उप जिलाधिकारी राजीव पांडे मिश्रिख के आदेश पर पुनः निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया । परंतु प्रश्न उठता है ? कि क्या किसी भी सम्मानित संभ्रांत धार्मिक निष्ठा रखने वाले व्यक्ति पर कोई भी व्यक्ति ऊंची पहुंच के चलते उस पर मिथ्या आरोप लगाकर उसकी समाज में छवि धूमिल करने का अधिकारी है आश्रम के महंत ने बताया तथाकथित अपने आपको पत्रकार कहकर जागू आश्रम से 40000 रुपए की मांग की थी । जिसे आश्रम के द्वारा पुराना किए जाने पर समाचार पत्रों में गलत समाचार प्रकाशित कर आचार्य महंत प्रेम दास पत्रकारों के द्वारा 40000 धन उगाही की मांग की शिकायत उप जिला अधिकारी को लिखित रूप में दिया जाने के पश्चात भी कोई ठोस कार्यवाही जाएगी या फिर नहीं। फिलहाल आचार्य महंत प्रेम दास का कहना है हम सबसे बड़े समाज सुधारक कबीर दास के पद चिन्हों पर चलते हैं कबीर साहब अपने समय में समाज में व्याप्त सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, बुराइयों को अपने विचारों से दूर करने में सफलता प्राप्त की थी इसलिए समाज में आज भी इस तरह की बुराइयां हैं जिन्हें दूर करने का दायित्व जिन पर है वही लोग उन बुराइयों से लिप्त हैं।

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