निजी स्कूल में हुए चाकूबाजी मामले ने पकड़ा तूल, एसएसपी ने दिया एसआईटी गठित करने का आदेश

0

24 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

जींद। पिल्लूखेड़ा के इंडस पब्लिक स्कूल में चाकूबाजी मामला लगातार गरम होता जा रहा है। हमले में मरने वाले छात्र अंकुश के परिजनों ने शव को जींद-पानीपत मार्ग पर रख दिया और साढ़े चार घंटे जाम लगाए रखा। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए।

पिल्लूखेड़ा में ग्रामीणों ने किया हंगामा, पुलिस ने दिया SIT गठित करने का आश्वासन।

स्कूल में छात्रों के बीच हुए चाकूबाजी मामले में पीड़ित छात्रों के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मामले में स्कूल प्रबंधक ने भी लापरवाही बरती है। उनका कहना है कि एक दिन पहले भी हत्या करने के आरोपित छात्रों ने अंकुश पर हमला किया था, लेकिन स्कूल प्रशासन ने आरोपित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर इसकी सूचना परिजनों तक नहीं दी।

डीपीई ने समय रहते नहीं उठाया कदम- परिजन
परिजनों का आरोप है कि वारदात के दिन भी घायल छात्रों ने स्कूल के डीपीई सुरेंद्र को अवगत करवाया दिया था कि आरोपित अपने बैग में चाकू लिए हुए हैं, लेकिन उसके बावजूद भी डीपीई ने आरोपित छात्रों के बैग की तलाशी नहीं ली। छात्रों की तरफ से बताए जाने के थोड़ी ही देर के बाद आरोपितों ने अंकुश व उसके चार साथियों पर चाकुओं से हमला कर दिया। स्कूल के डीपीई अगर समय पर रहते कदम उठाता तो उनकी जान बच सकती थी। डीपीई के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।

‘निर्दोष को फंसाने का बनाया जा रहा है दबाव’

एसएसपी ने घायल हुए छात्र सतविंद्र से बातचीत की। छात्र सतविंद्र ने बताया कि जब वह अपने साथी अमरजीत से पीजीआई में मिलकर वापस आ रहा था तो रास्ते में पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी किशोरीलाल का फोन आया और उसने उस पर एक आरोपी छात्र पर हमला करने की बजाय बचाव करने वाले छात्रों में नाम लेने का दबाव डाला, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद भी उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों ने इस दौरान थाने में तैनात एएसआई रणबीर सिंह पर भी उनकी सुनवाई नहीं करके दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस पर एसएसपी ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।

परिजनों ने स्कूल के डीपीई सुरेंद्र सिंह के अलावा कुछ लोगों की एसएसपी ने लिखित में शिकायत दी। लगभग डेढ़ घंटे चली बातचीत के बाद एसएसपी ने डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने व परिजनों ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

परिजनों को मिले आर्थिक मदद- ग्रामीण

ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता करने की मांग की। इस पर सफीदों के एसडीएम मनदीप कुमार ने आर्थिक सहायता की फाइल बनाकर डीसी कार्यालय भिजवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव को उठाने के लिए तैयार हो गए और देर शाम शव का अंतिम संस्कार हुआ।

वहीं एसएसपी अरूण सिंह ने जानकारी दी कि छात्र की हत्या करने मामले में तीन आरोपित छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

− 5 = 1