नगर निगम आयुक्त ने किया डी.सी को गुमराह

0

11 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

डी.सी ने नगर निगम आयुक्त के खिलाफ जांच को बंद करने के लिए सिफारिश की

मामला : नगर निगम आयुक्त के खिलाफ कई बड़े मामलो में सी.एम विंडो पर शिकायत का

सी.एम विन्डो पर किस तरह से मामलो को जांच के दायरे से बाहर करने के लिए अधिकारी साजिश रचते है। इसका जीता-जागता उदाहरण पिछले दिनों सामने आया। जब नगर निगम आयुक्त के खिलाफ सी.एम विन्डो पर की गई शिकायत की जांच को बंद करवाने की सिफारिश डी.सी ने कर दी। जबकि नगर निगम आयुक्त राजीव मैहता के खिलाफ कई बड़े गंभीर मामले थे। जिसकी जांच यदि तरीके से की जाती तो इस मामलेे में बहुत बड़ा घोटाला उजागर हो सकता था। इस मामले में नगर निगम आयुक्त करनाल के खिलाफ सी.एम विन्डो जींद पर 15 जनवरी, 2015 तथा 17 जनवरी, 2015 में मौजूदा नगर निगम आयुक्त तथा तत्कालीन करनाल शुगर मिल एम.डी की शिकायत की थी। जिसमें आरोप लगाया था कि उन्होंने गलत ढंग से नौकरी लगाने और बेचने का काम किया। इसके अलावा दूसरा आरोप लगाया था कि मुज्जफरनगर के व्यापारी को शीरा उठाने की शिकायत भी की गई थी। इसमें कहा गया था कि शंकर इंडस्ट्रीज छाजपुर पानीपत को उठवाए गए शीरे के जमा हुए पैसे में भी काफी बड़ी गडबड़ी थी। इस तरह की पार्र्टियों ने शुगर मिल करनाल ने करोड़ो रुपए जमा करवाये। जिनके नाम एक भी बिल जारी नहीं किया गया। उनका पैसा शंकर इंडस्ट्रीज के नाम पर एक सफेद कागज पर लिखकर ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अलावा सर्व विद्या मंदिर इन्द्री ट्रस्ट का स्कूल है। जबकि इसकी जमीन शुरू से एस.डी.एम राजीव मैहता की माता के नाम पर खरीदी गई। जबकि ट्रस्ट की जमीन कभी भी व्यक्तिगत नाम से नहीं खरीदी जाती। इसके अलावा तत्कालीन शुगर मिल एम.डी ने अपनी एक वरना कार 100 प्रतिशत लोन पर एच.डी.एफ.सी की मुख्य शाखा से बिना ब्याज के खरीद ली। जबकि 8.25 प्रतिशत ब्याज पर मिल के करोड़ो रुपया एच.डी.एफ.सी बैंक में जमा कर बैंक को ऑबलाइज किया। जबकि यह पैसा सहकारी बैंक में जमा किया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि इस तरह के सभी रिकार्ड उन्होंने विजिलैंस को सौंप दिए थे। उसके बाद भी डी.सी ने राजीव मैहता को क्लीन चिट देते हुए उनके खिलाफ जांच बंद करने की सिफारिश कर डाली। इससे सरकार की नीयत उजागर हुई है। वहीं डी.सी की कार्यप्रणाली भी उजागर हुई है। वह किस तरह से भ्रष्टाचार के दल-दल में फसे भ्रष्टाचारियों को बचा रहे है। इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, महानिदेशक चौकसी विभाग, मुख्य सचिव हरियराणा, प्रबंध निदेशक शुगर फैड को भी पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने मांग की है कि इन सभी मामलो को नये सिरे से जांच के दायरे में लाया जाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

45 + = 49