देखों: खट्टर सरकार में जीरो टोलरेंस में क्लर्क कैसे मांग रहा रिश्वत ?

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6 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

हरियाणा सरकार के मुखिया मनोहर लाल और उनके मंत्री सूबे में जीरो टोलरेंस होने की बात कहते नहीं थकते, लेकिन अब भी कहीं न कहीं से रिश्वत का कोई न कोई मामला सामने आ ही जाता है, जिससे उनके दावे की पोल खुल जाती है। ताजा मामला फतेहाबाद से सामने आया है, जिसमें बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र की फाइल पास करने की एवज में एक सरकारी कर्मचारी खुलेआम रिश्वत की मांग कर रहा है।
फतेहाबाद में जन्म प्रमाण पत्र की फाइल पास करने के लिए एक क्लर्क खुलेआम रिश्वत की मांग कर रहा है। हर महीने हजारों रुपये वेतन के रूप में पाने वाले इस क्लर्क ने दो बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की फाइल पास करने के नाम पर मांगी भी तो कितनी रिश्वत, महज 300 रुपये।
फतेहाबाद निवासी नवनीत ने बताया कि वो पिछले 2 महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। अब उससे पैसों की डिमांड की गई है। नवनीत ने बताया कि इन दो महीनों के दौरान उसने देखा कि लघु सचिवालय में कैसे आम जनता को छोटे-छोटे काम के लिए पैसे देने पड़ते है। नवनीत ने बताया कि एसडीएम ने उसकी फ़ाइल के सभी दस्तावेज जांच करके इसे मंजूर कर डीसी आफिस को भेज दी, लेकिन एसडीएम ऑफिस में बैठे एक कर्मचारी ने उसकी फ़ाइल को जानबूझकर रोके रखा और 300 रुपये की डिमांड की। इसके बाद डीसी आफिस में भेजने पर भी उसे कहा गया कि डीसी आफिस के कर्मचारी को भी 300 रुपये रिश्वत देनी होगी।
ये पूरा मामला जब डीसी डॉ. हरदीप सिंह की जानकारी में लाया गया तो डीसी ने मामले की जांच के आदेश दिए। डीसी ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाकर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जीएगी
यकीनन ये पूरा मामला सरकार और सीएम साहब की जानकारी में भी आया होगा। अब देखने वाली बात ये होगी कि रिश्वत मांगने वाले इस आरोपी के खिलाफ शुरू की गई जांच कब पूरी होगी ? और उसे क्या सजा दी जाएगी ?

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