दुष्यंत चौटाला ने फिर से उठाया स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले का मुद्दा, सरकार पर लीपापोती का आरोप

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11 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

(हरियाणा)इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने एक बार फिर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हुए दवा खरीद घोटाले के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को चैलेंज करते हुए कहा कि विज ने दावा किया था कि एनएचएम और दवा खरीद में 100 करोड़ से भी कम बजट खर्च हुआ है। जबकि 21 अप्रैल को आरटीआई के जवाब में एनएचएम ने लिखकर दिया है कि 808 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ है। उन्होंने कहा कि रूरल हिसार में दवाइयां 2 करोड़ 60 लाख जबकि हिसार शहर में 2 करोड़ 61 लाख की खरीद की गई और ये जानकारी आरटीआई से मिली है।

दुष्यंत ने कहा कि सरकार दवा और उपकरण खरीद का टेंडर निकाल रही है और उसमें डेंटल मेडिशन दिखाकर ड्रग खरीदी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीके ट्रेडिंग कम्पनी हिसार और सिद्धि विनायक ने प्रतिबंधित दवा खरीदी है, इस मामले में उनके जो आरोप थे उस पर सरकार ने एक कमेटी बनाकर लीपापोती की है।

दुष्यंत ने कहा इनेलो ने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाई है जिसकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में लिखा है कि जीके और कृष्णा कम्पनी में एक ही व्यक्ति ने सभी जगह हस्ताक्षर किए हैं। दुष्यंत ने दवा खरीद टेंडर प्रक्रिया में धांधली का आरोप भी लगाया। वहीं कहा कि, रेवाड़ी में उनके आरोप के आधार पर सरकार की गठित कमेटी ने एफआईआर की सिफारिश की लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।

दुष्यंत ने कहा कि जिला स्तर पर अधिकारी 1 लाख तक की खरीद कर सकता है लेकिन 98-98 हजार के बल्क में बिल काट रहे हैं, इस मामले से जुड़े लोगों को सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बचा रहें है। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र में इस मामले को उठाया जाएगा, पिछले साढ़े तीन साल में स्वास्थ्य विभाग में 100 से 300 करोड़ का घोटाला हुआ है। दुष्यंत ने कहा कि जरूरत पडऩे पर कोर्ट में भी इस मामले में पीआईएल दायर करेंगे।

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