तथाकथित गैंगरेप और खुदकुशी मामले में हैरान करने वाला खुलासा, ममेरे भाई ने किया था रेप, पिता ने की थी हत्या

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31 अगस्त 2018
भिवानी÷【संजय पांचाल】

भिवानी के गांव कितलाना के बहुचर्चित तथाकथित गैंगरेप व सुसाईड मामले में नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले में युवती से रेप व उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसके परिजन ही थे। हैरानी की बात ये है कि उन्होने ये सब अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए किया था।

पूरा मामला 16 अगस्त की रात का है, जब कितलाना गांव की मनीता नामक 21 वर्षीय युवती से तथाकथित गैंगरेप हुआ। 17 अगस्त को युवती ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पुलिस में इस तथाकथित गैंगरेप की शिकायत दी और आरोप लगाया कि उनके पड़ोस के एक युवक प्रदीप व दो अन्य ने रात को उसका अपहरण कर गैंगरेप किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की। अभी जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि पीड़िता द्वारा 26-27 अगस्त की रात को आत्महत्या करने का मामला सामने आया। यहांपर आरोप लगे कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो तथाकथित गैंगरेप पीड़िता ने खुदकुशी कर ली।

27 अगस्त को परिजन चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठ गए। परिजनों ने कहा कि उनकी बेटी ने गैंगरेप और पुलिस द्वारा कार्यवाई ना करने से आहत होकर आत्महत्या की है। परिजन गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी व मामले की जांच कर रहे डीएसपी विरेन्द्र सिंह के खिलाफ कार्यवाई की मांग को लेकर दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। मामला संगीन होने के चलते और पीड़ित परिवार से सहानुभूति के तौर पर दूसरे दिन अस्पताल में धरने पर ना केवल सामाजिक संगठन बल्कि राजनीतिक लोग भी समर्थन देने पहुंचे। 28 अगस्त की देर शाम प्रशासन व पीड़ित परिवार के बीच आरोपियों की गिरफ्तारी, डीएसपी के खिलाफ जांच शुरु करने, पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करने तथा एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी देने पर ये सहमति बनीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद डीजीपी हरियाणा ने जांच के लिए गोहाना एएसपी नरेन्द्र बिजारनियां को जांच के लिए भिवानी भेजा। एएसपी नरेन्द्र बिजारनियां, एसपी भिवानी गंगाराम पूनियां ने अपनी टीम के साथ पूरे मामले की जांच की। जांच में एक के बाद एक नया और बङा खुलासा हुआ।

डीएसपी जगत सिंह मोर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये पूरा मामला शुरु से ही संदेह में था। जांच के दौरान मिले तथ्य व पूछताछ में गैंगरेप व आत्महत्या के मामले पर संदेह था। डीएसपी ने बताया कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आये उनके आधार पर रानिला गांव निवासी सरजीत उर्फ मुन्नी, जो कलानौर में हलवाई का काम करता है को गिरफ्तार किया और उसके बाद एक एक कर पूरे मामले की हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आई।

डीएसपी जगर सिंह मोर ने बताया कि सरजीत उर्फ मुन्नी मृतक युवती का ममेरा भाई है जिसको गिरफ्तार करने व उससे पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि उसके मृतका से कई साल से अवैध संबंध थे और 16 अगस्त की रात को किसी और ने नहीं बल्कि उसी ने दुष्कर्म किया था। इसके बाद पुलिस ने मृतका के परिजनों से पूछताछ की और पता चला कि परिजनों ने ही युवती को आत्महत्या के लिए ना केवल मजबूर किया बल्कि उससे सुसाईड नोट लिखवा कर उसके गले में फांसी का फंदा लगा कर धक्का देकर मार डाला।

पुलिस के मुताबिक मृतका के भाई बिटू, पिता शेरसिंह व बामला गांव निवासी एक रिश्तेदार संजय, चाचा घीसाराम व चाचा अनील उर्फ बनिया ने मिलकर युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। डीएसपी जगत सिंह मोर ने बताया कि इन पांचों ने मिलकर युवती से सुसाईड नोट लिखवाया।
उन्होने बताया कि सुसाईड नोट सही ना लगने पर उसे जला दिया और फिर बिटू ने खुद अपने हिसाब से सुसाईड नोट लिखा और सभी की सहमती होने पर वही सुसाईड नोट युवती के हाथों दोबारा लिखवाया गया। इसके बाद कमरे में पंखे पर फांसी का फंदा लटकाया गया और युवती को बैड पर कुर्सी रख कर उसके गले में फंदा डाला गया। इसके बाद परिजनों ने कुर्सी को हटा दिया और युवती फंदे पर झुलने से मर गई। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में मृतका के भाई बिटू, पिता शेरसिंह, बामला निवासी रिश्तेदार संजय को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों चाचा घीसाराम व अनिल उर्फ बनिया की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में दुष्कर्म का मुख्य आरोपी सरजीत उर्फ मुन्नी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।

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