डालीगंज में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन शुक्रवार को आचार्य जितेंद्री ….

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रिपोर्ट आर.एस.पाल

लखनऊ। मानस अमृत सेवा संस्थान की ओर से नजीरगंज डालीगंज में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन शुक्रवार को आचार्य जितेंद्री जी महाराज ने कहा कि भारतीय अनुष्ठानों में सबसे विशद और वृहद अनुष्ठान विवाह का होता है। विवाह सबसे बड़ा सामाजिक उत्सव है। राम चरित मानस में गोस्वामी तुलसी दास जी ने श्रीसीता राम जी के विवाह महोत्सव को बड़ी सरलता से एवं वैदिक और लौकिक परम्पराओं को समन्वय पूर्वक प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सीता राम जी का होना आस्था का और विश्वास का होना है। विवाह दो आत्माओं का पवित्र बंधन है। स्त्री और पुरुष दोनों में परमात्मा ने कुछ विशेषताए और कुछ अपूर्णताएं दे रखी है। एक दूसरे को अपनी योग्यताओं और भावनाओं का लाभ पहुंचाते हुये गाड़ी में लगे दो पहिये की तरह प्रगतिपथ पर अग्रसर होते जाना विवाह का उदेश्य है। विवाह के समय महाराज जी ने एक भजन ‘‘अवध नगरिया से चली री बरतिया सुहावन लागे’’ सुनाया तो लोग झूमने लगे।

आचार्य जितेन्द्री ने कहा कि सीता राम जी ने अपने दाम्पत्य जीवन से हमें शिक्षा दी है। दाम्पत्य जीवन जब पवित्र होगा तभी संतान भी पवित्र एवं संस्कारित होगी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह कभी न टूटने वाला एक परम पवित्र धर्मिक संस्कार है, यज्ञ है।
कथा में अरुण शंकर शुक्ला ‘अन्ना’, कंचन शुक्ला, जगदीश अग्रवाल, किशन सिंह, डा0 बी0एन सिंह, डा0 अमित नागर आदि लोग मौजूद रहे।

अभिषेक दीक्षित
संयोजक
मो0 9794176766

 

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