जाट शिक्षण संस्था में उजाड़ पड़े भवन का पुर्ननिर्माण करवाने की मांग

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8 अक्टूबर 2018
रोहतक÷【संजय पांचाल】

रोहतक आज जाट शिक्षण संस्थाओं के आजीवन सदस्यों ने पूरे दल-बल सहित जाट संस्थाओं का दौरा किया। जैसे ही वो जाट कॉलेज के पिछले हिस्से में पहुंचे वहां उन्हें एक निर्माणाधीन भवन दिखाई दिया। जानकारी लेने पर पता चला कि इस भवन का 2009 में निर्माण शुरू हुआ था।

इस अवसर पर जाट शिक्षण संस्थाओं के संस्थापक चौ. देवी सिंह के पौत्र एडवोकेट चंचल नांदल ने बताया कि यह संस्थान 2009 में प्रबन्धन कोर्स शुरू करने के लिए बनाया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से इसका बेस व ग्राऊंड फ्लोर बनाकर इसका काम बीच में ही रोक दिया गया तथा उस वक्त इस पर तकरीबन 3 से 3.5 करोड़ रूपया खर्च किया था और उसके बाद आज 2018 तक पिछले 9 सालों से किसी ने इस भवन की सुध नहीं ली और यह भवन जर्जर होने के कगार पर है।

उन्होंने आगे बताया कि यह भवन नशेडिय़ों का अड्डा भी बन चुका है क्योंकि यहां जगह-जगह पर शराब की खाली बोतलें व नशे में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन व सीरिंज पड़ी हैं। वे प्रशासक से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द इस भवन का निर्माण पूरा करवाकर जाट कॉलेज को सौंप दें क्योंकि जाट कॉलेज का कुछ हिस्सा काफी पुराना व जर्जर हो चुका है और जाट कॉलेज की कुछ कक्षायें यहां लगाई जा सकती हैं।

चंचल नांदल ने आगे बताया कि वो जल्द ही प्रशासक से मिलकर इस बारे में अनुरोध भी करेंगे क्योंकि इस भवन में जाट संस्थाओं व आजीवन सदस्यों का करोड़ों रूपया खर्च हो चुका है।

इस अवसर पर आजीवन सदस्य व इंजीनियर विरेन्द्र नांदल ने बताया कि वे इस भवन का निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर पूर्व प्रधान मा. सुरेन्द्र से भी इस बारे में मिले थे लेकिन इस पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। अगर इस भवन को जल्द नहीं संभाला गया तो यह बिल्डिंग खाक में मिल जाएगी।

इस अवसर पर जाट शिक्षण संस्थाओं के आजीवन सदस्य अनिल हुड्डा, संजय जाखड़, नाहर सिंह देशवाल, रविन्द्र देशवाल, इनेलो नेता बलवान माजरा, मा. अशोक नांदल, परमजीत नांदल, तारीफ नांदल, अत्तर नांदल, सहदेव नांदल सहित काफी सदस्यों ने विरोध जताया।

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