क्यों हाईकोर्ट ने भेजा अनिल विज को नोटिस ?

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7 सितम्बर 2018
हरियाणा÷【संजय पांचाल】

हाईकोर्ट ने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और सरकार को एक नोटिस भेजा है, जिसमें उनसे एक मामले को लेकर जवाब मांगा गया है। बता दें कि भूपेंद्र सिंह की याचिका पर पानीपत कष्ट निवारण कमेटी की बैठक के दौरान एनवारमेंटल इंजीनियर के निलंबन पर हाईकोर्ट ने यह नोटिस भेजा है।

हाईकोर्ट ने बैठक में लिए गए फैसले पर कार्रवाई की दिशा में आगे न बढ़ने के भी निर्देश दिए हैं।

हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के इंजीनियर व याची भूपेंद्र ने बताया की 22 मई को बलबीर सिंह ने वर्धमान स्पिनर्स के खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन बाद में 15 जून को उसने पत्र भेजा, जिसमें उसने लिखा कि वह शिकायत पर एक्शन नहीं चाहता।

मामला जिला कष्ट निवारण कमेटी में शामिल कर लिया गया और वर्धमान स्पिनर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी बीच 28 अगस्त को वहां जांकर सैंपल भी एकत्रित किए गए और सैंपल को हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड भेज दिया गया। इतना ही नहीं वर्धमान स्पिनर्स को बंद करने की सिफारिश भी भेजी गई।

31 अगस्त को कष्ट निवारण कमेटी की बैठक में इसकी अध्यक्षता करते हुए अनिल विज ने याची को निलंबित करने के आदेश दिए। याचि का कहना है कि कमेटी को ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वो किसी को भी निलंबित कर सके।

उसका कहना है कि संविधान के प्रावधानों के तहत इस कमेटी का गठन नहीं किया गया और विज ने इस तरह के आदेश देकर सर्विस रूल्स के प्रोविजन को बाइपास किया है।

इसी के चलते याची ने हाईकोर्ट में अपील भी की कि याचिका लंबित रहते उस पर किसी भी तरह की सख्ती न की जाए और अनिल विज के आदेश को भी खारिज किया जाए। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में मंत्री अनिल विज व हरियाणा सरकार, प्रदूषण कंट्रोल और अन्यों से जवाब मांगा है।

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