एस.एम.आई.सी. में छात्रों को खिलाई गई कृमि मुक्ति की दवा

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फ़ोटो परिचय- सरस्वती मंदिर इण्टर कॉलेज में छात्रों को कृमि मुक्ति की गोली खिलाते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति।

एस.एम.आई.सी. में छात्रों को खिलाई गई कृमि मुक्ति की दवा

ललितपुर।
सरस्वती मंदिर इण्टर कॉलेज मड़ावरा में कॉलेज के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति की अध्यक्षता में कृमि मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में एक जहां छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया वहीं दूसरी ओर एल्बेंडाजोल की गोली भी छात्र-छात्राओं को खिलाई गई।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को जानकारी देते हुए सरस्वती मन्दिर इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति ने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा बच्चों को कुपोषण से मुक्त दिलाने, रक्त की कमी की समस्या को दूर करने, बच्चों के पेट के कीड़ा मारने में अत्यंत लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्र-छात्रा को कोई गम्भीर बीमारी का इलाज चल रहा है और वह नियमित रूप से दवा का खा रहा है, कोई भी बच्चा बीमार है तो उसे यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। दवा नुकसान नहीं करेगी लेकिन सावधानी के तहत ऐसे बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली खिलाया जाना है तथा 2 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को पूरी गोली खिलाया जाना है।
कहा कि जिन बच्चों के पेट में कीडों की अधिकता होगीं उनके द्वारा दवा का सेवन करने पर यह मामूली लक्षण सामने आएगें जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। जैसै दवा खाने के बाद जी मचलना, पेट में हल्का दर्द, उल्टी, दस्त और थकान महसूस होना, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। पेट में कीड़ा होने के कारण यह प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देगा। इस दौरान बच्चों को आराम की सलाह दे तथा उसे लेट जाने को कहे, 10 मिनट में समस्या स्वयं ही दूर हो जाएगी। 

उन्होंने कृमि संक्रमण के लक्षण बताते हुए कहा कि कृमि संक्रमण पनपने से बच्चे कुपोषित हो जाते है, बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाती है, बच्चे हमेशा थकान महसूस करते है, बच्चों का शारीरिक मानसिक विकास भी बाधित हो जाता है, बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की भी कमी हो जाती है।
उन्होंने कृमि संक्रमण से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि बच्चें नाखून साफ और छोटे रखें, हमेश साफ और स्वच्छ पानी ही पीऐं, खाने को ढक कर रखें, साफ पानी में फल व सब्जियां धोएं, अपने हाथ साबुन से धोए विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने के बाद, घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, खुले में शौच न करे हमेशा शौचालय का प्रयोग करें।

कार्यक्रम में शम्भूदयाल वर्मा, अरविन्द कुमार नामदेव, हरिशरण चौरसिया, सन्तोष कुमार त्रिपाठी, राहुल कुमार झा, प्रताप सिंह, पवन सिंह, भगवानदास प्रजापति, नरेन्द्र नामदेव, घूमन सिंह, मानसिंह, भवानी शंकर, खिलावन सिंह वरिष्ठ लिपिक, चुन्नीलाल लिपिक आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- मानसिंह

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