एक माह पहले दिए शिकायती पत्र पर कार्यवाही न करने का लगाया आरोप।

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ललितपुर

प्राईवेट कालेज जे एम के दुवारा छात्राओं के साथ धोडाधडी

संस्थागत एडमिशन के नाम पर वसूली फीस, प्राईवेट की अन्य यूनिवर्सिटी की थमाई मार्कसीट।

सैकड़ों की संख्या में छात्र /छात्राओ ने डी.एम को दिया ज्ञापन।कार्यवाही न होने पर कलैक्ट्रेट परिसर.में आत्महत्या की दी चैतावनी।

एक माह पहले दिए शिकायती पत्र पर कार्यवाही न करने का लगाया आरोप।

छात्रा ने कहा कि यदि कार्यवाही नहीं. हुई तो करेगी कलेक्ट्रेट में आत्महत्या।

ललितपुर । जनपद में ऐसे अनेक विद्यालय, महाविद्यालय और.टेक्निकल कालेज अवैध रुप संचालित है जो छात्रों से लगातार धोखाधड़ी कर उनका भविष्य चौपट कर रहे हैं।फीस के नाम पर मोटी मोटी रकम तो वसूली जाती हैं पर सुविधा के नाम पर छात्र-छात्राओं को महज आश्वासनो का झुनझुना थमा दिया जाता है ।
नाम फैमस महाविद्यालय या अंयत्र किसी बाहरी अच्छी टेक्निकल यूनिवर्सिटी से जोड़कर इतना प्रचार प्रसार किया जाता है जिससे ग्रामीण अंचलों के छात्र छात्राये डिग्री की लालच में इनके झांसे में आ जाती हैं। क ई कालेज बर्षो से लगातार छात्र छात्राओं और उनके अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। पर कभी भी विभागीय अधिकारियों ने इनकी जांच पडताल करने की जहमत नहीं उठाई आखिर क्यों ?? . जव महाविद्यालयों में छात्र प्रवेश लेने जाते है तो उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाए जाते हैं और जब वह प्रवेश लेने के बाद मोटी रकम जमा कर देते है तब उनके साथ शुरू होता है महाविद्यालय के झूठ का काला खेल ।
छात्र छात्राओं को लगातार धोखे में रखा जाता है कभी मार्कशीट देने के नाम पर तो कभी यूनिवर्सिटी के नाम पर । यहां तो कई ऐसे महाविद्यालय संचालित है जिनमें प्रवेश के समय यूनिवर्सिटी का नाम कुछ और बताया जाता है और मार्कशीट किसी अन्य यूनिवर्सिटी की थमा दी जाती है ।
इस मामले में जिला प्रशासन भी बहुत हद तक जिम्मेदार है जब भी छात्र-छात्राएं शिकायती पत्र देती हैं तो जिला प्रशासन भी उनके खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाता। कार्यवाही या जांच क्यों नहीं होती इसमें भी बडा झौल.है जिसे इम जनता बाखूबी जानती है।
आज एक ऐसा ही एक मामला जनपद मुख्यालय सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्टेशन रोड पर स्थित जी एम के कॉलेज का सामने आया है ।जिसमें कालेज की बहुत सी छात्राओ और छात्रो ने डी एम को ज्ञापन दैकर.कालेज पर बहुत से संगीन आरोप लगायें हैं।
पूरा मामला इस प्रकार से है कि आज अखिल भारतीय विध्यार्थी परिषद के साथ जे एम के कालेज की बहुत सी छात्र छात्राओं ने डी एम को ज्ञापन देकर अपनी समस्याओ और धोखाधड़ी से अवगत कराया उन्होंने बताया कि मुख्यालय पर जे एम के कॉलेज में प्रवेश के नाम पर उनसे एक मोटी रकम वसूली जाती है । जब छात्र प्रवेश लेने आता है तब उन्हें पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी का नाम बताया जाता है और प्रवेश लेने के बाद जब मार्कशीट दी जाती है तो किसी और यूनिवर्सिटी की थमा दी जाती है । संस्थागत के प्रवेश और मारर्सीट व्यक्तिगत की दी जाती है इस शिकायती पत्र में उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जब 2013में एडमिशन लिया था तब 20 हजार रुपया प्रति वर्ष के हिसाब से 60 हजार रुपया और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 10 हजार से लेकर ₹18 हजार तक उनसे वसूली गए थे । प्रवेश के समय उन्हें बताया गया था कि कालेज पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त है और वही से वह कोर्स कराएंगे और प्रति बर्ष मिलने वाली छात्रवृत्ति भी उन्हें दी जायेगी ।उसके बाद जब उनकी डिग्री कंप्लीट हुई तब उन्हें शोभित यूनिवर्सिटी मेरठ की मार्कशीट थमा दी गई । यही नहीं जो डिग्री 2016 में पूरी होने थी उसे 2018 तक पूरा कराया गया और सभी छात्र छात्राओं से पूर्ण रूप से फीस जमा करा ली गई जब उन्हें जो मार्कशीट दी गई है एक भी बर्ष छात्रवृत्ति नहीं दी गई उसके अनुसार वह मार्कशीट प्राइवेट यूनिवर्सिटी से मान्य है जबकि उन्हें रेगलूलर एडमिशन दिया गया था जिसके आधार पर उन्हें उच्च स्तरीय सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती । जे एम के कॉलेज प्रबंधन समिति व सीईओ संजीव शर्मा धीरेंद्र शुक्ला ने मिलकर सभी छात्रों को धोखे में रखकर उनके साथ यह कृत्य किया है । छात्र-छात्राओं ने प्रशासन पर.भी आरोप लगाते हुये कहा है कि उनके द्वारा पूर्व में भी अनेक शिकायती दिये गए है मगर जिला प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे कालेज प्रशासन के हौसले बुलंद है और कॉलेज प्रशासन द्वारा उनके और उन जेसे हजारो छात्र छात्राओं के भविष्य को अंधकार में धकेला जा रहा कॉलेज प्रशासन द्वारा उन्हें तरह-तरह की धमकियां भी दी जा रही हैं।
उन्होंने अपने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है । साथ में उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती तो वह कलेक्ट्रेट परिसर में ही आत्मदाह के लिए मजबूर होंगी।
जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

Report indra pal singh

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