इनेलो सूप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला आये कड़े एक्शन के मूड में

0
Online Hindi news paper khabren apne nagar ki
Online Hindi Newspaper: खबरें अपने नगर की

12 अक्टूबर 2018
हरियाणा÷【संजय पांचाल】

पार्टी की अंदरूनी कलह से नाराज चौटाला ने दुष्यंत व दिग्विजय को दिया तगड़ा झटका

इनेलो की युवा व छात्र विंग ‘इनसो’ की ईकाइयां भंग

रोहतक हरियाणा के प्रमुख विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल की अंदरूनी कलह अब सतह पर आ गई है । पार्टी सूप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी को बचाने के लिए आज कड़े एक्शन लेते हुए पार्टी की युवा इकाई तथा छात्र विंग ‘इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन’ (इनसो) को भंग कर दिया है और निकट भविष्य में ही इनका पुनर्गठन करने का संकेत दिया है । यूथ विंग को जहां पार्टी के लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला संभाल रहे थे , वहीं दिग्विजय सिंह चौटाला ‘इनसो’ के मुखिया के तौर पर काम कर रहे थे । बड़े चौटाला के इस अप्रत्याशित कदम से दोनों भाइयों दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला को राजनीतिक रूप से करारा झटका लगा है । किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि ओमप्रकाश चौटाला अपने पौत्रों को झटका देने के लिए एकाएक और इतनी जल्दी इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं ।

गौरतलब है कि पार्टी पर वर्चस्व को लेकर राज्य विधान सभा में विपक्ष के नेता और फिलहाल पार्टी पर बड़े चौटाला की ‘खड़ाऊ’ लेकर काबिज अभय सिंह चौटाला और उनके भतीजों- दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय सिंह के बीच पिछले एक साल से चल रही रस्साकशी अब चरम पर पहुंच गई है । दुष्यंत चौटाला की युवा वर्ग में लगातार बढ़ रही लोकप्रियता पार्टी के बीच दरार पैदा करने का काम करने लगी थी । उनके समर्थकों ने उन्हें भावी मुख्यमंत्री के रूप में परोसना शुरू कर दिया था । अभय चौटाला को नापसंद करने वाले नेताओं व कार्यकर्त्ताओं की भीड़ दुष्यंत चौटाला के इर्द गिर्द जुटने लगी थी । बड़े चौटाला साहब को पार्टी में दो शक्ति केंद्र बनना गवारा नहीं हुआ तो आज उन्होंने अभय विरोधियों को कड़े तेवर दिखाते हुए पार्टी की दो महत्त्वपूर्ण इकाईयों को भंग कर दिया । उनके इस कदम से जाहिर है कि बड़े चोटाला अभी दुष्यंत व दिग्विजय को लंबी रेस के घोड़े के तौर पर आजमाने को तैयार नहीं हैं । स्पष्ट है कि वह आगामी चुनावों में अभय चौटाला पर ही दांव खेलने के मूड में है । शायद वॉ दुष्यंत व दिग्विजय के अपरिपक्व हाथों में पार्टी की बागडौर थमा कर राजनैतिक जुआ खेलने से बचना चाहते हैं ।

इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी के पितृ पुरूष पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सात अक्तूबर को गोहाना में आयोजित राज्य स्तरीय विशाल रैली में ही आज के एक्शन की भूमिका तैयार कर ली थी । रैली में दुष्यंत समर्थकों द्वारा अभय चौटाला की करी गई हूटिंग को उन्होंने उचित नहीं माना था और कहा था कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने यह भी कहा था कि हूटिंग करने वालों को पार्टी से बाहर करने से भी वे पीछे नहीं हटेंगे । लेकिन यह अनुमान किसी को नहीं था कि वे इतना तुरत फुरत एक्शन मोड में आ जाएंगे ।

ओमप्रकाश चौटाला के आज के कदम के बाद राजनैतिक गलियारों में चर्चा छिड़ गई है कि क्या इनेलो दो फाड़ होने के कगार पर पहुंच चुकी है ? पर्यवेक्षक दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला के अगले कदमों की बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या ये दोनों भाई बिना दादा की मदद के अपनी अलग राह पर चलने का जोखिम मोल ले सकते हैं । दूसरी पार्टिया आज उनके लिए बेशक पलक पांवड़े बिछा कर बैठी हों , लेकिन चुनाव के बाद इनकी हालत भी वही हो सकती है , जो आज कांग्रेस में देवीलाल के छोटे बेटे रणजीत सिंह की है । दोनों भाईयों के लिए फिलहाल यही बेहतर रहेगा कि वे फिलहाल दादा के साथ टकराव का रास्ता न अपनाकर भविष्य में बेहतर मौके का इंतजार करें । राजनीति का खेल सांप सीढ़ी के खेल की तरह होता है , जिसमें जरा सी चूक या एक गलत कदम से व्यक्ति अर्श से सीधे फर्श पर आ जाता है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

38 + = 41