अपनों के जुल्मों सितम से हारी दिव्यांग महिला, राष्ट्रपति को पत्र लिख मांगी इच्छामृत्यु

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6 जुलाई 2018
संजय पांचाल रोहतक(हरियाणा)

(हरियाणा)महिला सशक्तिकरण बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे फैल होते नजर आ रहें हैं। दिव्यांग महिला अपनों के जुल्मो सितम की मारी आज दर दर की ठोकरें खा रही हैं। उसे राजनीतिक लोग भी प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं पीड़िता की एसपी से लेकर पुलिस महानिदेशक तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नहीं हो रही सुनवाई। जिंदगी से हारी अब इस दिव्यांग ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर इच्छामृत्यु की मांग की है।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के गांव बड़तोली की एक विधवा ने अपने 6 वर्षीय बच्चे के साथ इच्छा मृत्यु की मांग की है। इस महिला का आरोप है कि उसके पति के रिश्तेदार लगातार उसे उत्पीड़ित कर रहे हैं ताकि वह उसकी जमीन हड़प सकें और इस संबंध में कुरुक्षेत्र का पुलिस प्रशासन लगातार शिकायतें दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

पीड़ित महिला का आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद उसके परिवार के सदस्य चाचे, ताउ, भतीजे व उनकी माता व पत्नी वगैरा उस पर दबाव बनाने लगे कि वह परिवार के किसी लड़के से दोबारा शादी कर ले ताकि उसके नाबालिक बच्चे की 20 एकड़ भूमि हड़प की जा सके और वह लोग उस पर कब्जा कर सके। लेकिन विधवा ने उपरोक्त परिवार के सदस्यों की यह बात मानने से साफ इन्कार कर दिया। जिसकी वजह से वह लोग उससे व उसके पुत्र से नफरत करने लगे और उसे बेवजह प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

महिला का कहना है कि भूमि के इलावा अपना व अपने बच्चे का गुजारा करने के लिए कोई अन्य साधन न है। 13 जुलाई 2016 को को वह अपनी तारीख भुगतकर कुरूक्षेत्र से यमुनानगर जा रही थी तो रास्ते में मथाना गांव के आसपास अारोपियों ने उसके बच्चे को जबरदस्ती किडनेप कर लिया । उसका कहना है अारोपियों ने उसे धमकाकरकुछ विदडराल फार्मों व वकालतनामों पर हस्ताक्षर करवाए और कहा कि अगर उनके कहने अनुसार हस्ताक्षर नहीं करेगी तो ये लोग उसे व उसके बच्चे को जान से मार देगें।

महिला ने इन तथ्यों बारे 21अक्टूबर 2016, 16मई 2016, 26 मई2017, 7 अक्टूबर 2017 तथा नवम्बर 2017 को अलग-अलग दरखास्तें पुलिस अधीक्षक कुरूक्षेत्र तथा एस.एच.ओ थाना बाबैन को दी थी। परन्तु एस.एच.ओ. थाना बाबैन ने शिकायतों पर कोई कार्यवाही न की, क्योंकि आरोपी सत्ता से जुड़े व्यक्ति का नजदीकी आदमी है और पुलिस प्रशासन व अन्य अधिकारी बजाए आरोपियों के खिलाफ कार्य करने के उल्टा उस पर दबाव बना रहे है

पीड़िता का कहना है कि उनकी जमीन दो साल से भी ज्यादा समय से खाली पड़ी है और मैं व मेरा छोटा बच्चा भूखे प्यासे मरने को मजबूर है। जब एच.सी.एस. स्तर का अधिकारी भी न्याय दिलाने में बौना साबित हो रहा है तो छोटे अधिकारीगण की तो औकात ही क्या हैं। विधवा महिला ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि वह उसे न्याय दिलवाएं अगर न्याय नहीं दिलवा सकते तो वह उसे व उसके बच्चे को इच्छा मृत्यु के लिए इजाजत दे।

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